एनएचपीसी सुरंगानी के गेट पर बोला हल्ला
कामगारों को न निकालने की मांग पर अड़े लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सुरंगानी (चंबा)। एनएचपीसी सुरंगानी गेट के बाहर कामगारों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर रोष प्रकट किया। एनएचपीसी से कामगारों को न निकालने की मांग पर धरना-प्रदर्शन किया गया। तीन घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद एनएचपीसी के डीजीएम ने उन्हें वार्ता के लिए बुलाकर मांग को मानने का आश्वासन दिया। उसके बाद ही धरना-प्रदर्शन खत्म हुआ।
ग्राम पंचायत ब्याणा प्रधान निशा कुमारी, उपप्रधान अजय भारद्वाज, ग्राम पंचायत मंजीर उपप्रधान नरेंद्र ठाकुर, ग्राम पंचायत सिंगाधार के प्रधान संजीव ठाकुर, बीडीसी सदस्य मोहिंद्र सिंह ठाकुर, पूर्व प्रधान परमिंद्र, पूर्व प्रधान सुरेंद्र भारद्वाज, ग्राम पंचायत ब्याणा के वार्ड सदस्य चैन लाल सरीन, मीना शर्मा, दिशो देवी, उमा देवी और ग्रामीणों ने बताया कि एनएचपीसी सुरंगानी से पंचायतों के लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है। इसी के चलते बुधवार को एनएचपीसी सुरंगानी के गेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया। एनएचपीसी में कार्यरत कामगारों ने बताया कि एनएचपीसी प्रबंधन की ओर से दो लोगों को निकालने के लिए कहा गया था। इस वजह से सिविल डिपार्टमेंट (वाटर सप्लाई और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) में काम कर रहे 30 लोगों में हड़कंप मच गया। कामगारों को चिंता सताने लगी कि धीरे-धीरे उन्हें भी काम से निकाल दिया जाएगा। कामगारों को एनएचपीसी में करीब 15 से 20 साल काम करते हुए हो चुके हैं।
एनएचपीसी के डीजीएम चितरंजन छतर ने बताया कि हेड ऑफिस से 28 लोगों को रखने की अप्रूवल आई थी। कहा कि किसी भी कामगार को नहीं निकाला जाएगा। कामगारों को दूसरे विभाग में एडजस्ट कर दिया जाएगा।