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मेडिकल कॉलेज में किडनी की पथरी के नहीं हो रहे ऑपरेशन

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चंबा। किडनी की पथरी से पीड़ित चंबा जिले के मरीजों को इलाज के लिए टांडा या आईजीएमसी शिमला का रुख करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज चंबा में इन मरीजों के ऑपरेशन नहीं किए जा रहे हैं। सर्जरी विभाग में ऑपरेशन करने के लिए सर्जन तो मौजूद हैं लेकिन यूरोलॉजिस्ट और मुख्य मशीन के न होने से मरीजों को टांडा या शिमला रेफर किया जा रहा है। जिले में किडनी की पथरी से पीड़ित मरीजों की संख्या 100 से 200 के करीब है। जब ये मरीज अपने उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचते हैं तो विशेषज्ञ उन्हें जांच के बाद दवाइयां देते हैं लेकिन जिन मरीजों का ऑपरेशन जरूरी होता है उन्हें टांडा या शिमला रेफर कर दिया जाता है। इसकी वजह से ये मरीज काफी परेशान हैं।
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सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ प्रबंधन को कई बार अवगत करवा चुके हैं कि मशीन के साथ यहां यूरोलॉजिस्ट की व्यवस्था करवाई जाए लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई भी कारगर कदम नहीं उठाए जा सके हैं। यही कारण है कि मरीजों को अपना ऑपरेशन करवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। कई मरीज परेशान होकर बीमारी से निजात पाने के लिए निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। जहां पर ऑपरेशन तो किए जा रहे हैं लेकिन उसके बदले में मोटी रकम मरीजों से ऐंठी जा रही है। चंद राम, राकेश कुमार, धर्मपाल, किशोर और मनोज कुमार ने सरकार और विभाग से मांग की है कि चंबा में किडनी की पथरी के ऑपरेशन जल्द शुरू करवाए जाएं।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि
यूरोलॉजिस्ट न होने की वजह से किडनी की पथरी के मरीजों को ऑपरेशन के लिए टांडा रेफर किया जा रहा है। सरकार से चंबा में यूरोलॉजिस्ट तैनात करने की मांग की गई है।
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