चंबा में चुराह के देहरा गांव में चामुंडा और शीतला माता मंदिर में जातर मेले के दौरान चुराही नाटी
हिमगिरी (चंबा)। उपमंडल चुराह की ग्राम पंचायत तीसा प्रथम के देहरा गांव में चामुंडा और शीतला माता मंदिर में आयोजित चार दिवसीय पारंपरिक जातर मेले का वीरवार को हर्षोल्लास के साथ समापन हुआ।
अंतिम दिन चुराही नाटी और लोकगीतों ने मेले में खूब रंग जमाया। समापन पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पुरुषों ने पारंपरिक चुराही वेशभूषा चोला-डोरा पहनकर ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाटी डाली। वहीं, महिलाओं ने घुरेई लोकगीत प्रस्तुत कर पारंपरिक संस्कृति की छटा बिखेरी। लोकनृत्य और गीतों का श्रद्धालुओं ने जमकर आनंद लिया। समापन समारोह में चुराह विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. हंसराज ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने मंदिर में माथा टेककर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। विधायक ने मेला कमेटी को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि पारंपरिक मेले हमारी समृद्ध लोक संस्कृति, रीति-रिवाज और आपसी भाईचारे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। मेले के दौरान दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और माता के दरबार में शीश नवाया। मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक गतिविधियों के साथ लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम चलते रहे। मेले के समापन पर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर मेला कमेटी के पदाधिकारी, मंदिर कमेटी के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
चंबा में चुराह के देहरा गांव में चामुंडा और शीतला माता मंदिर में जातर मेले के दौरान चुराही नाटी