जिले में अधिकतर लोगों के कार्ड की समाप्त हो चुकी है अवधि, नहीं करवा रहे रिन्यू
पहले सरकारी और निजी अस्पताल में मुफ्त मिलता था इलाज, अब खर्च हो रहे हैं पैसे
रिन्यूअल के लिए ढीली हो रही जेब, पर अस्पतालों में काम नहीं आ रहा हिमकेयर कार्ड
प्रवीण कुमार
चंबा। प्रदेश सरकार हिमकेयर योजना के कार्ड रिन्युअल के लिए लोगों से 1000 रुपये फीस तो वसूल रही है लेकिन अस्पतालों में उन्हें कार्ड दिखाने पर मुफ्त इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है।
जिले के सबसे बड़े अस्पताल मेडिकल कॉलेज से लेकर अन्य सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में हिमकेयर सेवाएं बंद हैं। मरीज दवाइयों से लेकर अन्य इलाज का खर्च अपनी जेब से पूरा कर रहे हैं। छह महीने से मरीज सरकारी अस्पतालों में पैसे देकर इलाज करवा रहे हैं।
अस्पताल में भर्ती मरीज जब स्टाफ से कहता है कि उनका कार्ड एक्सपायर हो चुका है, उसे रिन्यू करवा देता हूं तो स्टाफ का जवाब होता है कि कोई फायदा नहीं होगा, कार्ड अभी बंद है। इसलिए रिन्यू करवाने में अपने पैसे न गंवाएं। यही वजह है कि अधिकतर लोग अपने कार्ड रिन्यू करवाने के लिए नहीं जा रहे हैं। उन्हें यही लग रहा है कि सरकार रिन्यू के पैसे तो वसूल लेगी, बाद में उन्हें मुफ्त इलाज की सुविधा भी नहीं देगी।
तीमारदारों में विनोद कुमार, बीर सिंह, गुरमीत, संजय शर्मा, राज सिंह, अजय कुमार, करण महाजन और शम्मी कुमार ने बताया कि गरीब व मध्य वर्ग के लोगों के लिए यह योजना किसी संजीवनी से कम नहीं थी लेकिन अब यह योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। पहले निजी अस्पतालों में बड़े से बड़ा ऑपरेशन मुफ्त किया जा रहा था, वहीं अब निजी अस्पताल की दहलीज लांघना भी गरीब मरीजों के लिए मुश्किल हो गया है। सरकार को रिन्यू करने के साथ यह भी साफ करना होगा कि लोगों को मुफ्त इलाज मिलेगा या नहीं।
मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि हिमकेयर योजना फिलहाल बंद है लेकिन सरकार की तरफ से इसे जल्द चालू किया जा सकता है। इसलिए सभी लोगों को अपने कार्ड रिन्यू करवाने चाहिए।
महीने में गिने-चुने ही हो रहे हड्डी रोग के ऑपरेशन
मेडिकल कॉलेज में जहां रोजाना हड्डी रोग के ऑपरेशन होते थे, वहीं हिमकेयर कार्ड बंद होने से अब महीने में गिने-चुने मरीजों के ही ऑपरेशन हो पा रहे हैं। जिले में एक जनवरी 2019 से अब तक 61558 कार्ड बनाए गए हैं। इनमें अधिकतर कार्ड का नवीनीकरण होना है। इसके लिए आखिरी तारीख 31 मार्च तय की गई है।