पांगी (चंबा)। जिला मुख्यालय चंबा से वाया साच पास किलाड़ के लिए 35 सवारियां लेकर निकली एचआरटीसी बस बगोटू के पास हांफ गई। काफी देर तक इंतजार करने के बाद बस के स्टार्ट न होने पर यात्री मजबूरन 40 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर देर रात किलाड़ पहुंचे। दुर्गम क्षेत्रों में खटारा बसें भेजने से लोगों में खासा रोष दिखा।
यात्रियों राम प्रसाद, माधो राम, प्रेम सिंह, किशनी देवी, रंजीत सिंह, गिरधारी लाल, बेबी कुमारी, सुरेखा देवी, जमना देवी, आशा किरण, पूर्ण चंद और श्याम लाल ने बताया कि एचआरटीसी प्रबंधन को चंबा से पांगी रूट पर बस सेवा को शुरू किए 10 दिन नहीं हुए हैं और बस बीच रास्ते में ही हांफ गई है। कहा कि वीरवार सुबह चंबा से वाया साच पास किलाड़ के लिए एचआरटीसी बस यात्रियों को लेकर रवाना हुई। साच पास दर्रा पार करने के बाद दोपहर बाद 3:15 बजे बस बगोटू में अचानक खराब हो गई। जनजातीय क्षेत्र पांगी के लिए चंबा और केलांग डिपो की पुरानी बसें भेजी जा रही हैं। किलाड़ से साच पास के लिए एक बस चलती है जिसकी हालत भी खस्ता है। बसों के बीच राह हांफने से औरतों, बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी होती है।
कहा कि घाटी के अन्य रूटों का भी यही हाल है। एचआरटीसी की एक बस महलु नाला के पास, दूसरी पुर्थी और तीसरी किलाड़ बस स्टैंड में मरम्मत की राह ताक रही है। बसों के बीच राह खराब होने के बाद मरम्मत न होने से अन्य रूट भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और परिवहन मंत्री से पांगी के लिए नई बसें चलाने की मांग उठाई है। कार्यकारी क्षेत्रीय प्रबंधक साहिल कपूर ने बताया कि बस में तकनीकी खराबी आने से दिक्कत आई थी। बस की मरम्मत करवाकर चंबा लाई जा रही है।