मरीज को पीठ पर उठाकर ले जाते हुए
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लोकसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के भरमौर विधानसभा क्षेत्र की गान पंचायत की जनता अपने मत का प्रयोग नहीं करेगी, क्योंकि आजादी के 76 सालों के बाद भी इस पंचायत के लोग सड़क की मुख्य धारा से नहीं जुड़ पाए हैं। सड़क के अभाव में मरीज बीच रास्ते में दम तोड़ रहे हैं। इससे नाराज होकर पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने का मन बनाया है।
पांच किलोमीटर पीठ पर उठाकर मरीज पहुंचाया अस्पताल
रविवार को सुबह के समय छतकरी गांव में स्थानीय युवक अजय कुमार उल्टी दस्त और सर्दी जुकाम के कारण काफी बीमार हो गया। उसे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए परिजनों को ग्रामीणों की मदद लेनी पड़ी। गांव से लेकर अनेहरा तक पांच किलोमीटर तक उसे पीठ पर उठाकर पहुंचाया गया। इसमें ग्रामीणों ने बारी-बारी से उसे पीठ पर उठाकर यह सफर तय किया। इसके आगे निजी वाहन करके बीमार युवक को अस्पताल पहुंचाया गया।
'सड़क सुविधा न होने से गई एक लड़की की जान'
गान पंचायत के उप प्रधान काका राम ठाकुर ने बताया कि 15 अप्रैल को भी उनकी पंचायत की एक लड़की देर रात के समय अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गई। उसे भी पीठ पर उठाकर रात के अंधेरे में पांच किमी दूर सड़क तक पहुंचाया गया। इसके बाद जब उसे निजी वाहन के जरिए चंबा अस्पताल ले जा जाया जा रहा था तो करियां के पास उसकी मौत हो गई।
काका राम ठाकुर ने कहा कि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने कहा कि यदि उसे बीस मिनट पहले अस्पताल पहुंचा दिया होता तो उसकी जान बच सकती थी। ऐसी कई घटनाएं पंचायत के लोगों के साथ हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक किसी भी पंचायत ने उनकी पंचायत को सड़क से जोड़ने की जहमत नहीं उठाई है। इससे नाराज लोगों ने अब लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। सड़क बनाने का पक्का आश्वासन नहीं मिलने पर ग्रामीण चुनाव में अपने वोट का प्रयोग नहीं करेंगे। पंचायत से मत पेटी को खाली भेजा जाएगा।
'आचार संहिता हटने पर होगा सर्वे'
उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता मीत कुमार ने बताया कि पंचायत को सड़क से जोड़ने के लिए आचार संहिता हटने के उपरांत सर्वे करवाया जाएगा।