बैरागढ़ में दुर्घटनाग्रस्त हुई बस के चालक ने अगर पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों
की बात मान ली होती तो हादसा ही नहीं होता। हादसास्थल पर मलबा गिरा था,
इससे मार्ग संकरा हो गया था।
पीडब्ल्यूडी कर्मचारी मलबे को हटा रहे थे। जब
बस पहुंची तो कर्मचारियों ने चालक को बस आगे न ले जाने की बात कही। इसी
दौरान पांगी से चंबा जा रही बस निकल गई। यह सोच चालक ने भी बस को ले जाने
की सोची। हालांकि उसने सभी सवारियों को उतर जाने के लिए कह दिया था।
कुछ
सवारियां उतरीं लेकिन 15 सवारियां बस में ही बैठी रहीं। चालक जीप
निकलने जितनी जगह से बस को ले जाने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान बस अटक
गई। चालक ने पीछे किया तो बस का एक टायर सड़क से बाहर निकल गया। जब तक वह
बस को नियंत्रित कर पाता बस खाई में गिर गई। बस से उतरी सवारियों ने यह
देखकर चिल्लाना शुरू कर दिया। इसके बाद लोग खाई में उतरे और राहत कार्य
शुरू किया। लोक निर्माण विभाग के निरीक्षक शोभिया राम ने बताया कि उन्होंने
चालक को बस न ले जाने की बात कही थी। चालक ने बस नहीं रोकी और आगे बढ़
गया।
मलबा हटाने में जुटे थे 40 कर्मचारी
मार्ग
पर गिरे मलबे को हटाने के लिए पीडब्ल्यूडी के करीब 40 कर्मचारी लगे हुए
थे। अगर चालक कुछ देर रुक जाता तो शायद मार्ग से मलबा हटा दिया जाता। उसके
बाद बस गुजर सकती थी। मलबा गिरने की वजह से मार्ग बेहद संकरा हो गया था।
बारिश
की वजह से चंबा-बैरागढ़-पांगी मार्ग पर भूस्खलन हुआ था। इसके लिए कर्मचारी
तैनात किए गए थे। मलबा हटाने तक आवाजाही को बंद रखने के निर्देश थे। बस
चालक ने जल्दी पहुंचने के चक्कर में बस आगे बढ़ा दी।
-जीत सिंह ठाकुर, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
हादसे
वाली जगह से पहले सभी सवारियों को उतर जाने को कहा था। कुछ लोगों ने बात
नहीं सुनी। लोग घर जल्दी पहुंचना चाहते थे। यदि सभी बस से उतर जाते तो शायद
इतना नुकसान नहीं होता।
-हेम सिंह, चालक
हादसे के
बाद बस चालक हेम सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। चालक पर लापरवाही से
बस चलाने का आरोप है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
-वीर बहादुर, डीएसपी