चंबा। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए पुलों पर रात को अंधेरा पसर रहा है। लोक निर्माण विभाग ने समय पर पुल बनाकर अपनी जिम्मेदारी तो पूरी कर दी है, लेकिन संबंधित पंचायतें और नगर परिषद इन पुलों में लाइट की व्यवस्था नहीं कर पाई है। रात होने पर लोग डर के साये में इन पुलों से आवाजाही कर रहे हैं। शुक्रवार रात को 10:00 बजे भी ऐसे ही हालात दिखे।
राहगीरों ने बताया कि पुलों में लाइटें लगाने के लिए प्रशासन और पंचायत से लेकर लोक निर्माण विभाग से मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक पुलों पर रोशनी की व्यवस्था नहीं हो पाई है। रात को 10:00 बजे शीतला पुल का दौरा किया गया। यह पुल शहर की सबसे मजबूत कड़ी माना जाती है। इस पुल पर रात को 80 प्रतिशत लाइटें जगमग दिखीं।
बालू के पुराने पुल पर अंधेरा पसरा था। हालांकि, इस पुल को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है, क्योंकि यह पुल काफी पुराना हो चुका है। पुल का परिक्षेत्र नगर परिषद में आता है। वहां भी लाइटों की व्यवस्था नहीं दिखाई दी। 10:30 बजे बालू के नए पुल से अंधेरे में लोग मोबाइल की टॉर्च जलाकर जा रहे थे। पुल के एक छोर से दूसरे छोर तक लइटें लगी हैं, लेकिन ये जल नहीं रही थीं। यह व्यवस्था लोक निर्माण विभाग नहीं, बल्कि संबंधित पंचायत या नगर परिषद करवाती है। लोक निर्माण मात्र पुलों का निर्माण करवाता है। इसके बाद 10:45 पर परेल पुल का निरीक्षण किया गया तो वहां भी लाइटों की व्यवस्था नहीं दिखी। हालांकि, यह पुल मेडिकल कॉलेज के नए भवन को एनएच को सीधे जोड़ने की मजबूत कड़ी है। इसलिए लाइटों की उचित व्यवस्था होना काफी जरूरी है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव शर्मा ने बताया कि बालू में विभाग ने समय पर मोटरेबल पुल बनाकर दिया है। इस पुल में लाइटों की भी व्यवस्था है, लेकिन लाइटों का संचालन संबंधित पंचायत या नगर परिषद को करना पड़ता है। इसमें विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं होती।
सरोल पंचायत की प्रधान विजय कुमारी ने बताया कि बालू पुल में लाइट जलने से 20 से 30 हजार प्रतिमाह बिल आ रहा था। इसकी अदायगी करने के लिए पंचायत के पास बजट नहीं था। इसके चलते लाइटों का बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। सदर विधायक से पुल में सोलर लाइटें लगाने की मांग की गई है।
नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने बताया कि शहर के दायरे में आने वाले पुलों में लाइटों की उचित व्यवस्था की गई है। पंचायत क्षेत्रों में बने पुलों की लाइटों का जिम्मा नगर परिषद नहीं उठा सकती।
चंबा के परेल पुल पर छाया अंधेरा।स्त्रोत:संवाद
चंबा के परेल पुल पर छाया अंधेरा।स्त्रोत:संवाद