शिक्षा का अधिकार नियम का पालन कई शिक्षक अपने स्तर पर भी कर रहे हैं। चुराह उपमंडल की चांजू पंचायत के जखला निवासी जेबीटी शिक्षक प्रमोद शर्मा इनमें से एक हैं। शिक्षक अपने खर्च पर निर्धन परिवारों के बच्चों को कॉपी, किताबें और पेंसिल खरीद कर पढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इतना ही नहीं, पढ़ाई में कमजोर बच्चों की शिक्षक विद्यालय में छुट्टी के बाद अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर निशुल्क ज्ञान की धारा से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। शिक्षक की मेहनत है कि वर्ष 2017 में राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला चांजू में ज्वाइनिंग के समय जहां 75 विद्यार्थी थे, वहीं वर्तमान में अब 130 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंच रहे हैं। शिक्षक के पढ़ाने के तरीकों के विद्यार्थी भी मुरीद हैं।
विधानसभा क्षेत्र चुराह के जखला गांव निवासी जेबीटी शिक्षक बच्चों के चहेते बने हुए हैं। हरेक विद्यार्थी गुरु से पढ़ने के लिए उत्सुक रहता है। शिक्षक भी बच्चों को शिक्षा की धारा से जोड़ने के लिए प्रयासरत हैं। बकौल प्रमोद शर्मा वे अपनी क्षमता अनुसार बच्चों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने भी गर्दिश में दिन गुजारे हैं। ऐसे में अब दूसरों की मदद कर पुण्य कमा रहे हैं। शिक्षक ने स्कूल परिसर को ही अपनी कर्मस्थली बनाया है। उन्होंने निश्चय किया कि वे मात्र नौकरी नहीं करेंगे, बल्कि शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के अलावा शैक्षिक रूप से कमजोर बच्चों को अलग बैठाकर उन्हें विशेष शिक्षा देते हैं। प्रमोद शर्मा सप्ताह में कम से कम एक बार गांव के प्रत्येक घर में दस्तक देते हैं। दलित और गरीब तबके के अभिभावकों से मिलकर उन्हें शिक्षा का महत्व बताते हैं।