चौथी मंजिल पर स्थित मेडिसिन वार्ड में मौजूदा समय में 15 से 20 मरीज भर्ती
रोजाना मेडिसिन ओपीडी में पहुंच रहे सांस में तकलीफ वाले मरीज
गर्मी की तुलना में सर्दी के मौसम में बढ़ रहे ऐसे मरीजों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में हुई बर्फबारी के कारण जहां ऊपरी क्षेत्रों में लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं। तो वहीं इस ठंड ने अस्थमा मरीजों की संख्या में भी इजाफा कर दिया है। मेडिकल कॉलेज चंबा में रोजाना अस्थमा के मरीज पहुंच रहे हैं। इसके चलते अस्पताल की चौथी मंजिल के मेडिसिन वार्ड में मौजूदा समय में 20 रोगी सांस में तकलीफ के उपचाराधीन हैं, जो कि अस्थमा और दमा से पीड़ित हैं। इन मरीजों के लिए ठंड परेशानी पैदा कर रही है। गर्मियों के मौसम की तुलना में सर्दी के मौसम में सांस में तकलीफ यानी अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ठंड बढ़ने के साथ ही कई वायरल बीमारियां आम हो गई हैं। इसमें निमोनिया और अस्थमा के मरीजों की संख्या ज्यादा है। इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार, सांस की परेशानी आदि बीमारियों का खतरा ज्यादा है। इसमें थोड़ी सी लापरवाही घातक हो सकती हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा की मेडिसिन ओपीडी में रोजाना अस्थमा के मरीज अपने इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। कुछ मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा जा रहा है तो कुछ मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है।
सर्दी के मौसम में कई बीमारियां हमारे आसपास मंडराती रहती हैं। इसमें सर्दी जुकाम, बुखार, जोड़ों का दर्द, उच्च रक्तचाप, ह्दय रोग, अस्थमा, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर सहित त्वचा की बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है। बदलते मौसम के साथ अपना ख्याल न रखने के कारण हर कोई इसका शिकार हो सकता हैं। कई बार ठंड के मौसम में खून के थक्के भी अधिक जम जाते हैं। नतीजतन मस्तिष्क और हृदयघात होने का खतरा भी बना रहता हैं। इसलिए मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ ओपीडी में मरीजों की जांच करने के साथ सर्दी में जरूरी देखभाल करने का परामर्श भी दे रहे हैं।
-सर्दी में ठंड बढ़ने के साथ मेडिकल कॉलेज में अस्थमा के मरीज भी बढ़ रहे हैं। बदलते मौसम के साथ अस्पताल प्रबंधन ने अपनी व्यवस्था पहले से करके रखी हुई है। सांस में तकलीफ वाले मरीजों को सर्दी के मौसम में अपनी विशेष ध्यान रखना चाहिए।
-डॉ. पंकज गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज चंबा