चंबा। कोरोना से बचाव के लिए तीनों डोज लगवाना जरूरी हैं। लोग बूस्टर डोज लगवाने के लिए भी बेझिझक होकर आगे आएं। यह अपील जिले के युवा लोगों से कर रहे हैं।
युवाओं का कहना है कि शुरुआती दौर में वे वैक्सीन लगवाने के लिए झिझक रहे थे लेकिन बाद में जब सरकार और चिकित्सकों ने युवाओं को वैक्सीन का महत्व समझाया तो वे टीकाकरण के लिए खुद ही आगे आए। युवाओं की सहभागिता से अन्य वर्ग के लोग भी स्वास्थ्य केंद्रों में वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचने लगे। यही वजह है कि जिले में स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण को लेकर मिले अपने लक्ष्य को 90 प्रतिशत पूर्ण कर चुका है।
कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके हैं। बूस्टर डोज लगवाने के लिए उनके मन में थोड़ी झिझक है लेकिन सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह काफी आवश्यक है। इसलिए वह तीसरी डोज के रूप में बूस्टर डोज जल्द लगवाएंगे।
अंकुश चौणा, निवासी सपड़ी।
कोरोना से खुद को सुरक्षित रखने के लिए तीनों डोज लगवा चुके हैं। उन्होंने अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक किया है। उनके परिवार में टीकाकरण से कोई भी अछूता नहीं है।
विनय जरयाल, निवासी कियाणी।
कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके हैं। जैसे ही उन्हें बूस्टर डोज के लिए बुलाया जाएगा वह पूरी जिम्मेदारी के साथ स्वास्थ्य केंद्र में डोज लगवाने जाएंगे। अन्य लोगों को भी बूस्टर डोज लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
अमित महाजन, निवासी सरोल।
वैक्सीन की दो डोज लगवाने में उन्हें कोई डर नहीं लगा था लेकिन तीसरी डोज लगवाने को लेकर उनके मन में थोड़ा डर है। कोरोना से बचने के लिए यह डोज जरूरी है। इसलिए वह अपनी बारी आने पर अवश्य तीसरी डोज लगवाएंगे।
फैजान मोहम्मद, निवासी हरदासपुरा।
कोरोना का पहला टीका लगवाते समय उन्हें काफी डर लगा। टीकाकरण के बाद उनका हौसला बढ़ गया। उसके बाद स्कूल में आयोजित टीकाकरण शिविर के दौरान दूसरी डोज भी लगवाई। इसके बाद अपनी सहेलियों और रिश्तेदारों को भी कोरोना टीकाकरण के बारे में प्रेरित किया।
निर्जला कुमारी, निवासी संगेड़।
कोरोना से कई लोगों की जानें गई हैं। कोरोना टीकाकरण करवाना सभी के लिए बेहद जरूरी है। टीकाकरण को लेकर उनके छोटे भाई में झिझक रही लेकिन टीकाकरण के बाद वह पूरी तरह से तंदरुस्त है। कोरोना से बचाव के लिए गाइडलाइन का पालन करना आवश्यक है।
साहिल जुनैद शेख, निवासी जुलाहकड़ी।