टेपा मार्ग बंद होने से बर्फ के बीच पैदल आवाजाही करते लोग।
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चंबा। जिले में सोमवार को भले ही मौसम साफ रहा हो, लेकिन लोगों की दिक्कतें कम होने की बजाय बढ़ती जा रही हैं। हिमपात के बाद निकली धूप से जहां पेयजल लाइनें पूरी तरह जाम हो गईं, वहीं जिलेभर में 126 पेयजल लाईनें प्रभावित हो गई हैं। इसके चलते लोगों को पानी के लिए खासी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। सोमवार को पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे धरवाला और रजेरा के समीप बाधित रहा। इसके चलते यात्रियों को काफी दिक्कतें हुईं। वहीं, प्रशासन ने कोहरे के समय वाहन चालकों से सावधानी बरतने का आह्वान किया है।
जानकारी के मुताबिक जिले में 85 संपर्क सड़कें अभी भी बाधित हैं। चंबा में तीन, डलहौजी में एक, तीसा में आठ, सलूणी में 12, भरमौर में 28, पांगी में 33 मार्ग बर्फबारी की वजह से बंद हैं। वहीं, दूसरी तरफ 265 ट्रांसफार्मर अभी ठप पड़े हुए हैं। गौरतलब है कि साल की पहली बर्फबारी से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं, दूसरी तरफ सेब की पैदावार के लिए यह बर्फबारी संजीवनी मानी जा रही है। सेब की पैदावार के लिए जरूरी चिलिंग ऑवर पूरा होने से बागवानों में नई आस बंधी है।
उपायुक्त डीसी राणा ने बताया कि सोमवार को मौसम साफ रहने से युद्धस्तर पर व्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोग बर्फ के बाद बहाल हुए मार्गों से आवाजाही करते समय सावधानी बरतें।
बारिश और बर्फबारी से लोकनिर्माण विभाग, नेशनल हाईवे प्रबंधन और जलशक्ति विभाग को करोड़ों का नुकसान हुआ है। लोक निर्माण विभाग को तीन करोड़ सत्तर लाख, हाईवे प्रबंधन को डेढ़ करोड़ और जलशक्ति विभाग को करीब ढाई करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। विभागीय मशीनरी वर्तमान में मार्गों को बहाल करने में जुटी है।