चंबा के बनीखेत में खुले मैदान पर बर्फ का आनंद उठाते पर्यटक। संवाद
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चंबा। जिले में बारिश और बर्फबारी से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इसके चलते लोगों की परेशानियां दोगुना हो गई है। एक तरफ जहां यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है वहीं दूसरी तरफ सर्द रातें अंधेरे में गुजारने को ग्रामीण मजबूर हैं।
पेयजल लाइन प्रभावित होने से पानी की किल्लत भी महसूस होने लगी है। जिला का प्रमुख मार्ग पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे भी रविवार को बारिश और बर्फबारी के कारण प्रभावित हुआ। मैहला के पास 23 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। वहीं भरमौर तक भारी बर्फबारी से वाहनों की आवाजाही पर पूरा दिन रोक लगी। मार्ग को बहाल करने में मशीनरी जुटी रही। लगातार बर्फबारी से इसमें दिक्कत हुई।
जिले में बारिश और बर्फबारी से हाईवे समेत 140 संपर्क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। 567 ट्रांसफार्मर ठप पड़ गए। सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मर तीसा में 138, सलूणी में 130, भरमौर में 110, डलहौजी में 105, चंबा में 70 और पांगी में 13 ठप होने से अंधेरा पसर गया। इसके अलावा चंबा मंडल के तहत 34 मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। अधिकतर मार्गों को बहाल कर दिया गया। शेष मार्गों को बहाल करने में मशीनरी जुटी हुई है। भरमौर में 49 पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई है।
मकानों को भी हुआ नुकसान
चंबा उपमंडल में एक, सलूणी में 3, भरमौर में एक, डलहौजी में एक कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान हुआ है। वहीं सलूणी में एक गोशाला ध्वस्त हुई।
उपायुक्त डीसी राणा ने बताया कि बर्फबारी से अस्त-व्यस्त हुई व्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयास जारी है। सभी विभागीय अधिकारी बारिश और बर्फबारी के दौरान रात कार्यों में डटे हैं। उन्होंने लोगों और पर्यटकों से आह्वान किया है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।