चंबा। चंबा बाजार की कास्मेटिक दुकानों में कॉटन मास्क एन-95 मास्क से भी ज्यादा दाम में बेचा जा रहा है। हैरानी इस बात की है कि इस कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन और सरकारी विभाग आगे नहीं आ रहे हैं। केमिस्ट शॉप में एन-95 मास्क 50 रुपये में बेचा जा रहा है जबकि, बाजार की कास्मेटिक दुकान पर कॉटन का मास्क 70 रुपये में बेचा जा रहा है। इस मास्क पर किसी प्रकार का एमआरपी तक अंकित नहीं होता है।
जब कोई ग्राहक दुकानदार से बिल देने की बात करता है तो उसे कहा जाता है कि इसका बिल उपलब्ध नहीं है और मास्क का रेट कंपनी ने निर्धारित किया है। जबकि, मास्क पर किसी भी कंपनी की मुहर नहीं लगी होती है। चाइना के मास्क को चार गुना दाम में बेचा जा रहा है। ये मास्क किसी वयस्क के लिए नहीं बल्कि छोटे बच्चों के इस्तेमाल के लिए बने हैं।
इन दिनों छोटे बच्चों वाले स्कूल भी खुले हैं, जिसके चलते बच्चों को मास्क पहनकर स्कूल जाने के लिए कहा गया है। स्कूलों में बिना मास्क बच्चों को प्रवेश भी नहीं दिया जा रहा है। इसी का फायदा उठाकर बाजार में मास्क बेचने वाले दुकानदारों ने अपना धंधा चमका रखा है। रोजाना मास्क खरीदने के लिए अभिभावक उनके पास पहुंच रहे हैं। अभिभावकों को यह कहकर गुमराह किया जा रहा है कि मास्क बढ़िया कंपनी का है, इसलिए इसकी कीमत ज्यादा है।
दवा निरीक्षक राकेश कौशल ने बताया कि उनके ध्यान में मामला लाया गया है। इसको लेकर दुकानदार से पूछताछ की जाएगी। मास्क को प्रिंट से अधिक कीमत पर नहीं बेचा जा सकता। अभिभावकों रमेश कुमार, संजीव कुमार, हंसराज, जय सिंह, विनोद कुमार, दीपक शर्मा, राकेश ठाकुर और महिंद्र सिंह ने बताया कि बाजार में कॉटन मास्क की कीमत को बढ़ा दिया गया है। इसको लेकर प्रशासन और विभाग को कड़े कदम उठाने चाहिए।
सहायक आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी चंबा रवि कुमार ने बताया कि किसी भी वस्तु को एमआरपी पर ही बेचा जा सकता है। उससे अधिक दाम वसूलने पर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर विभाग की दुकानदारों पर पूरी नजर है।