जिला मुख्यालय चंबा में मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करते एबीवीपी कार्यकर्ता।
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चंबा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद चंबा कॉलेज के कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदेश और जिलास्तरीय मांगों को लेकर हल्ला बोला। एबीवीपी के पूर्व उपाध्यक्ष लक्की वशिष्ठ ने कहा कि एकमात्र सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय चंबा में है, जिसका अभी तक सरकारीकरण नहीं हुआ है। उन्होंने मांग उठाई कि संस्कृत महाविद्यालय का जल्द सरकारीकरण किया जाए।
कॉलेज में रिक्त प्राध्यापकों के पदों को भी जल्द भरा जाए। कहा कि लिल्ह महाविद्यालय का अपना भवन न होने से विद्यार्थियों को लोगों के घरों में जाकर कक्षाएं लगानी पड़ रही हैं, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं। इकाई अध्यक्ष अरुण कुमार ने कहा कि अभी तक तेलका महाविद्यालय के भवन का निर्माण नहीं हुआ है। सरकार को विद्यार्थियों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर कॉलेज भवनों का निर्माण करवाना चाहिए। वहीं, भलेई महाविद्यालय का अपना भवन न होने से उन्हें खुले आसमान के नीचे पेड़ तले कक्षाएं लगानी पड़ रही हैं।
कहा कि जिले के एकमात्र संस्कृत महाविद्यालय को सरकारी मान्यता तो मिली है लेकिन, अभी तक उसका अपना सरकारी भवन तक नहीं है। कहा कि छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार छात्र संघ चुनाव को जल्द बहाल किया जाए। कहा कि महाविद्यालय चंबा में जल्द एम कॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू की जाएं। उन्होंने चेताया कि प्रदेश सरकार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की मांगों को शीघ्र पूरा नहीं करती है तो विद्यार्थी उग्र आंदोलन की राह पर चलने के लिए मजबूर हो जाएंगे। एबीवीपी कार्यकर्ता हरीश मेहता, मनीषा, कामिनी, सतीश, विनोद और हितेश ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के व्यापक संदर्भ में काम करने वाला देश का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। छात्र हित के लिए एबीवीपी काम करती है और आगे भी करती रहेगी।