चंबा। शिक्षा विभाग की त्रैमासिक बैठक में अनुपस्थित रहने वाले सात प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इस संबंध में शिक्षा उपनिदेशक ने निर्देश जारी कर दिए हैं। रावमापा मैहला में मंगलवार को शिक्षा विभाग की त्रैमासिक बैठक का आयोजन था। इसमें कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जानी थी। मगर बैठक में कई स्कूलों के प्रभारी नहीं पहुंचे।
इसको देखते हुए बैठक से नदारद रहने पर शिक्षा उपनिदेशक ने यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। कार्यालय से जारी होने वाले कारण बताओ नोटिस के आधार पर प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को एक सप्ताह के भीतर बैठक से नदारद रहने के बारे में स्थिति स्पष्ट करनी पड़ेगी। अन्यथा इनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कुल मिलाकर शिक्षा उपनिदेशक के जारी निर्देशों से बैठक से दूर रहने वाले प्रधानाचार्यों/ मुख्याध्यापकों में हड़कंप मच गया है। गौरतलब है कि जिले के कई स्कूलों में पहले से अध्यापकों के नदारद रहने संबंधी मामले सामने आ चुके हैं।
इतना ही नहीं, स्कूलों में विभागाध्यक्षों की दी जाने वाली दबिश के दौरान भी सामने आई है। ऐसे में अब हद तो यह हो रही है कि विभागीय बैठकों से भी कुछेक प्रधानाचार्य/ मुख्याध्यापक किनारा करने लग पड़े हैं। जोकि, अपने आप में ही चिंता का विषय बना हुआ है। मैहला में मंगलवार को आयोजित शिक्षा विभाग की त्रैमासिक बैठक से करीब सात प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों नदारद रहे। इस पर शिक्षा उपनिदेशक काफी तल्ख दिखे। बैठक में विद्यालय के भवन निर्माण, सीआरए, एफसीए, विद्यालयों में रिक्त पड़े पदों, एसीआर भरने और स्काउट एंड गाइड, स्पोर्ट्स फंड समेत अन्य विषयों पर विचार-विर्मश किया गया।
उच्च शिक्षा उपनिदेशक देविंद्र पॉल ने बताया कि त्रैैमासिक बैठक से नदारद रहने वाले करीब सात प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। इसको लेकर सात दिनों में उन्हें स्थिति स्पष्ट करनी होगी। उन्होंने कहा कि जवाब संतोषजनक न होने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।