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बारिश से पद्दर में मक्की की 60 फीसदी फसल तबाह

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तीसा की पद्दर पंचायत में तबाह हुई मक्की की फसल। - फोटो : Chamba
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तीसा (चंबा)। चुराह उपमंडल की पद्दर पंचायत में भारी बारिश से मक्की की 60 फीसदी फसल तबाह हो गई है। फसल को हुए नुकसान से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसानों के मुताबिक दो अगस्त को हुई बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों ने चुराह के विधायक, जिला प्रशासन और कृषि विभाग से किसानों को हरसंभव सहायता प्रदान करने की मांग की है।
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खेतों में ही बिछ गई फसल : उमेश
उमेश ठाकुर ने कहा कि मौसम की मार से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। भारी बारिश से फसल खेतों में ही बिछ गई है। इससे फसल पूरी तरह खराब हो गई है।
बीज के पैसे भी नहीं होंगे पूरे : माधो राम
माधो राम ने कहा कि विकास खंड चुराह के तहत ग्राम पंचायत पद्दर के गांव पद्दर, शिरयारी, सेरुआ, कांदवास, चिरवाड़ी, दुद्रा, चनवास, भकुड़, भगसेरी और नोसरा में बीजी गई मक्की की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। किसानों का कहना है कि शेष फसल से बीज के पैसे भी पूरे नहीं होंगे।
किसानों की बढ़ी परेशानियां : दौलत राम
दौलत राम ने कहा कि कोरोना के बीच किसानों ने जीतोड़ मेहनत कर मक्की की फसल उगाई है। अब मौसम की मार ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। बारिश से पंचायत के कई गांवों में फसल खेतों में ही बिछ गई है। इससे किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
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फसल पर निर्भर है पालन-पोषण : पठानिया
चरण पठानिया ने कहा कि जानवरों के आतंक से जैसे-तैसे किसान अपनी मक्की की फसल की रक्षा करते हैं। ऐसे में अब मौसम ने किसानों पर कहर बरपा कर रख दिया है। फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। अधिकांश किसान फसल बेचकर अपने परिवारों का पालन-पोषण करते हैं।
कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलदीप धीमान ने कहा कि जिले में भारी बारिश से मक्की की फसल को नुकसान पहुंचा है। कहा कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा करवाया है, उन्हें नुकसान की भरपाई होगी।
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