चंबा। जागोरी ग्रामीण चैरिटेबल ट्रस्ट चंबा ने विकास खंड तीसा के तहत गांव चिल्ली में जैविक खेती पर आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के करीब 35 किसानों ने सहभागिता निभाई। कार्यशाला में किसानों को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों के बारे में बताया। इसके साथ ही अन्य जानकारी मुहैया करवाई गई। कार्यशाला में जागोरी टीम सदस्य कुलदीप कुमार ने बताया कि रासायनिक खेती से फसलों में पौष्टिकता की कमी हो जाती है।
इसके अलावा मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी प्रभावित होती है। रासायनिक खेती से उत्पादित अनाज, सब्जियां और फल शरीर को भी अस्वस्थ कर देते हैं। उन्होंने जैविक खेती के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस विधि से कमल लागत रहती है और मुनाफा भी रासायनिक खेती के मुकाबले अधिक होता है। जैविक खेती से जमीन की उपजाऊ शक्ति भी बढ़ती है। कार्यशाला में पारंपरिक बीजों को बढ़ावा देने पर भी चरचा की गई।
कार्यशाला में लुप्त हो रही फसलें, कोदरा, कोणी, फूलन, जौ, देसी गेहूं, आदि फसलों को दोबारा उत्पादित करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया गया। कार्यशाला में पुष्पा सत्या देवी, शब्बीर मोहम्मद और राजकुमार मौजूद रहे।