अमर उजाला ब्यूरो
तीसा (चंबा)। बारिश और बर्फबारी में दो महीने के भीतर चुराह में आईपीएच विभाग को चार करोड़ का नुकसान हुआ है। बर्फबारी और बारिश से जगह-जगह हुए भूस्खलन की वजह से दो दर्जन बड़ी पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इन योजनाओं में लगे पाइप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई दिन तक क्षेत्र में पेयजल की सप्लाई बंद रही। हालांकि, आईपीएच विभाग ने जैसे-तैसे जुगाड़ कर सभी पेयजल लाइनों में सप्लाई बहाल करवा दी है लेकिन स्थायी रूप से अभी तक इन लाइनों को दुरुस्त नहीं किया गया है। लोहे के पाइपों के स्थान पर कई जगह अस्थायी तौर पर रबड़ के पाइप लगाए गए हैं, जो लंबे समय तक नहीं टिकते। दो महीने पहले चुराह में भारी बर्फबारी हुई थी। इससे 39 पंचायतों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। बर्फबारी से बिजली और सड़कें बंद हो गई थीं। करीब एक लाख की आबादी को कई दिन तक परेशानी झेलनी पड़ी। अस्थायी तौर पर चुराह की 39 पंचायतों की पेयजल लाइनों को दुरुस्त कर दिया गया है। इन लाइनों को सही तरीके से दुरुस्त करने के लिए विभाग को करोड़ों के की जरूरत है। इसको लेकर विभाग ने सरकार को अवगत करवा दिया है। आचार संहिता हटने के बाद ही विभाग को अब यह बजट मिल सकेगा। बजट मिलने के बाद ही विभाग क्षतिग्रस्त पाइपों को स्थायी रूप से दुरुस्त कर पाएगा।
आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता आशीम कुमार ने बताया कि चुराह में आईपीएच विभाग को चार करोड़ का नुकसान हुआ है। क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को बहाल करवा दिया गया है। स्थायी रूप से लाइनों को बाद में दुरुस्त करवा दिया जाएगा।