खैरी पुल के समीप छावनी बोर्ड कैंट के बैरियर पर एचपी-47 कार की पर्ची काटता कर्मी।
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बनीखेत (चंबा)। ढलोग, बनीखेत, बगढार, बाथरी और साथ लगती पंचायतों के लोगों को अपने घर जाने के लिए छावनी बोर्ड बैरियर पर 15 रुपये की पर्ची कटवानी पड़ रही है। इसको लेकर स्थानीय लोगों में रोष है।
पर्ची कटवाने बिना उन्हें बैरियर से दूसरी तरफ जाने नहीं दिया जाता। खैरी पुल के पास छावनी बोर्ड कैंट का बैरियर लगा है। यहां से चंबा की सीमा में प्रवेश करने के लिए टोल टैक्स चुकाना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह टैक्स बाहरी लोगों से लिया जाए। स्थानीय लोगों को इससे छूट दी जाए। टोल टैक्स की पर्ची पर न वाहन का नंबर और न समय लिखा जाता है। ऐसे में टैक्स के नाम पर बड़ी धांधली भी हो सकती है।
स्थानीय निवासी प्रदीप कुमार, रिशव कुमार, राजीव कुमार, अश्वनी कुमार, मनोहर कुमार, राजकुमार, अभिनव और सुभाष कुमार ने बताया कि जब उनको बनीखेत से होकर किसी काम के लिए नैनीखड्ड, ककीरा, चुवाड़ी और दूसरे इलाकों में जाना होता है, तो वापसी में उनसे खेरी पुल पर छावनी बोर्ड कैंट की पर्ची काटी जाती है। जब वह स्थानीय होने का हवाला देते हैं तो ठेकेदार की तरफ से साफ कहा जाता है कि बैरियर को पार करने से पहले पर्ची कटवानी ही पड़ेगी। कहा कि छावनी बोर्ड कैंट बैरियर पर पर्ची काटे जाने से उन्हें कोई एतराज नहीं है। यह पर्ची डलहौजी जाने वालों की कटनी चाहिए। छावनी बोर्ड डलहौजी में स्थित है। बनीखेत, खैरी और चंबा में किसी तरह का छावनी बोर्ड नहीं है।
छावनी बोर्ड कैंट के अधिकारी मदन लाल वर्मा ने बताया की बनीखेत छावनी बोर्ड बैरियर से बनीखेत में आने के लिए पर्ची कटानी पड़ेगी। नैनीखड्ड से भी एचपी 47 नंबर की कोई गाड़ी आएगी तो उसको भी टोल टैक्स चुकाना होगा। पर्ची पर गाड़ी नंबर और समय अंकित करने के लिए ठेकेदार को निर्देश जारी किए जाएंगे।
एसडीएम डलहौजी जगन ठाकुर ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में अभी लाया गया है। इसके समाधान को लेकर जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे। बनीखेत और साथ लगते गांव के लोगों की समस्या का समाधान निकालने के पूरे प्रयास किए जाएंगे।