सुरंगानी (चंबा)। आजादी के 70 वर्ष बीतने बाद भी मंजीर पंचायत के छह गांवों के लोगों का सड़क सुविधा से जुड़ने का सपना साकार नहीं हो पाया है। सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीण आज भी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं को पीठ पर उठाकर ले जाने को मजबूर हैं। आपातकालीन परिस्थिति में ग्रामीणों को मरीज को पालकी में डालकर मुख्य मार्ग तक पहुंचना पड़ता है।
कई मर्तबा समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण मरीज बीच रास्ते में ही दम तोड़ जाते हैं। लोगों के मुताबिक वह सरकार और प्रशासन को कई बार ग्रामीण कमरदीन, सैफ अली, तुफैल मोहम्मद, जेबो देवी, सलीम, नरोत्तम, होशियार सिंह और मोहम्मद यूसुफ का कहना है कि घोड़ी, नातोड़, सुखरेठी, गुबरेड़, भतोग और मंजीर गांवों की लगभग पांच सौ से अधिक आबादी आज भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाई है। ग्रामीणों की सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
उन्होंने बताया कि सड़क सुविधा न होने से इलाका विकास की दौड़ में पिछड़ता जा रहा है। वे कई मर्तबा गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग विभिन्न मंचों के माध्यम से उठा चुके हैं, लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने लोगों की मुश्किलों को देखते हुए सरकार से जल्द इन गांवों को सड़क सुविधा से जोड़कर राहत प्रदान करने की गुहार लगाई है। लोनिवि के अधिशाषी अभियंता अरुण पठानिया ने बताया कि सड़क बनाने को लेकर वन विभाग से एनओसी मांगी गई है। इसके साथ ही उपायुक्त से सड़क बनाने को लेकर बजट मांगा गया है। इसकी स्वीकृति मिलते ही सड़क बनाने की आगामी कार्रवाई शुरू की जाएगी।