हिमाचल प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का वास्तविक आकलन करने के लिए केंद्र सरकार इस माह में व्यापक सर्वेक्षण अभियान शुरू करने जा रही है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की टीमें प्रदेश के चयनित ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर परिवारों की आय, रोजगार, कर्ज, निवेश, कृषि, पलायन और महंगाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाएंगी। इन आंकड़ों के आधार पर भविष्य की सरकारी नीतियों, बजट प्रावधानों और विकास योजनाओं की दिशा तय होगी। अगस्त में एक साथ कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सर्वेक्षण संचालित किए जाएंगे। इनमें राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण, आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण, अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण, प्रवास सर्वेक्षण, कृषि परिवारों की स्थिति आकलन सर्वेक्षण और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक सर्वेक्षण शामिल हैं। इन सर्वेक्षणों का उद्देश्य प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों और सामाजिक बदलावों की जमीनी तस्वीर सामने लाना है। सर्वेक्षण के दौरान यह जानकारी जुटाई जाएगी कि परिवारों की वास्तविक आय कितनी है, रोजगार और बेरोजगारी की स्थिति क्या है, लोग कितनी बचत और निवेश कर रहे हैं तथा कर्ज का स्तर कितना है।