फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal News: सिरमौर में एक लाख की रिश्वत मामले में पटवारी और शिकायतकर्ता के खिलाफ केस दर्ज, जानें विस्तार से

Fri, 10 Oct 2025 07:50 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, राजगढ़ (सिरमौर)।

सार

हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में एक लाख रुपये रिश्वत मामले में पटवारी और शिकायतकर्ता के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिला सिरमौर में एक लाख रुपये रिश्वत मामले में पटवारी और शिकायतकर्ता के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार राजगढ़ पुलिस ने पंचायत सैरजगास में एक पटवारी के विरुद्ध एक लाख रुपये की रिश्वत लेने की प्राथमिकी दर्ज की है।

विज्ञापन

सैरजगास निवासी राजेश कुमार ने अप्रैल में पुलिस में शिकायत की थी कि पटवारी हल्का पबियाना अदब सिंह ने भूमि तकसीम के मामले में उससे फोन पर अधिकारियों को देने के लिए एक लाख रुपये रिश्वत देने की मांग की थी। पटवारी ने उसे एक बैंक खाता नंबर दिया था। उसने खाते में आरटीजीएस करके 94 हजार जमा किए और छह हजार नकद दिए।

शिकायत में कहा कि उसने सैरजगास में शामलात भूमि में से रूपलाल और सुंदरी देवी आदि से पहले ग्यारह बिस्वा और बाद में 14 बिस्वा कुल एक बीघा छह बिस्वा जमीन खरीद की थी। इस शामलात नंबर से ही सुप्रीति कौर ने भी दो बीघा ग्यारह बिस्वा जमीन खरीद की थी। मौके पर कब्जे के अनुसार उसने सुप्रीति कौर को प्रतिवादी बनाते हुए तकसीम का एक दावा किया हुआ था। उसमें सहयोग देने के लिए ही पटवारी ने यह रिश्वत मांगी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की छानबीन में राजेश कुमार के आरोप सही पाए।

पटवारी के ससुर के बैंक खाते में 94 हजार रुपये आरटीजीएस से जमा किए और छह हजार रुपये नकद पटवारी को दिए गए। यही नहीं जांच में सामने आया है कि रिश्वत की रकम मिलने के बाद पटवारी ने राजेश कुमार का व्हाट्सएप पर धन्यवाद भी किया। इस सारे मामले में पुलिस ने बैंक व व्हाट्सएप में हुई वार्ता की सारी डिटेल भी एकत्रित करने के बाद पटवारी अदब सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर लिया है और राजेश कुमार के विरुद्ध भी रिश्वत देने का मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन

पुलिस ने प्रारंभिक जांच में राजेश कुमार के आरोप सही पाए गए हैं। इसलिए पुलिस ने पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। जबकि रिश्वत देने वाले राजेश कुमार के विरुद्ध भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा आठ के तहत मामला दर्ज किया है, क्योंकि शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के मामले की जानकारी पुलिस को सात दिन के भीतर नहीं दी, इसलिए यह कानूनन अपराध है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। छानबीन में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - वीसी नेगी, डीएसपी राजगढ़
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें