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Jairam Thakur: नेता विपक्ष जयराम ठाकुर बोले- उपायुक्तों के पत्र ने खोली आपदा राहत को लेकर सरकार की पोल

Fri, 10 Oct 2025 07:28 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

Jairam Thakur: शुक्रवार को जारी बयान में नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायत चुनाव अभी नहीं करवाए जाने को लेकर जारी हुए जिला उपायुक्तों के पत्र ने आपदा राहत को लेकर सरकार की पोल खोल दी है। पढ़ें पूरी खबर...
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायत चुनाव अभी नहीं करवाए जाने को लेकर जारी हुए जिला उपायुक्तों के पत्र ने आपदा राहत को लेकर सरकार की पोल खोल दी है। शुक्रवार को जारी बयान में नेता विपक्ष ने कहा कि सीएम, मंत्री, सीएस, डीसी सब मिलकर पहले तय कर लें कि पंचायत चुनाव करवाने कब हैं। चुनाव टालने की चिट्ठी ने साफ कर दिया है कि आपदा के बाद प्रदेश के हालात जैसे हैं वैसे रहेंगे। जिस तरीके के विरोधाभासी बयान सरकार, अधिकारी और जिम्मेदार लोगों द्वारा दिए जा रहे हैं, उससे यह साफ है कि सरकार कन्फ्यूज है। अगर सरकार को चुनाव समय पर ही करने हैं तो वह चिट्ठी निकालने की जरूरत क्या थी।

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जयराम ठाकुर ने कहा कि चुनाव टालने के लिए सरकार ने बाकायदा जिला उपायुक्तों से कहकर ऐसी चिट्ठी लिखवाई गई, जिसे आधार बनाकर चुनाव टाल सके। मंदिरों से पैसा वसूलना, टॉयलेट टैक्स लगाने जैसे फैसलों की तरह इस बार भी सरकार की चिट्ठी लीक हो गई। इसके बाद सरकार द्वारा इस तरीके की बचाव की मुद्रा अपनाई जा रही है और लोगों को बरगलाया जा रहा है। यह ऐसी सरकार है जहां जिला उपायुक्त कुछ कह रहे हैं, मुख्य सचिव कुछ कह रहे हैं, मंत्री और मुख्यमंत्री कुछ और कह रहे हैं। जिस संस्थान पर चुनाव करवाने की जिम्मेदारी है वह संस्थान कुछ कह रहा है। ऐसी असमंजस की स्थिति हर लिहाज से प्रदेश के लिए नुकसानदायक है। इस हिसाब से लगता है कि सरकार झूठ के सहारे अपनी नैया पार करना चाहती है।

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जयराम ठाकुर ने कहा कि जिला उपायुक्तों की जो चिट्ठियां सामने आई हैं उससे सरकार की वर्तमान नीति और नीयत साफ हो गई है। इस चिट्ठी का लब्बोलुआब यह है कि आपदा के बाद से अब तक लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने कोई काम नहीं किया। एक भी सड़क सरकार द्वारा पूर्णतया नहीं खोली जा सकी है। किसी भी प्रकार का पुनर्वासन कार्य अभी तक नहीं हो पाया है। इंफ्रास्ट्रक्चर को जो नुकसान है उनको बहाल नहीं किया जा सका है। जिस तरीके से सरकार ने चुनाव अनिश्चितकाल के लिए टाल दिए हैं उस सरकार की मंशा भी जाहिर हो गई है कि आगे भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कोई सुधार होने की गुंजाइश नहीं है। यदि समय पर चुनाव पर करवाने हैं तो अभी करीब दो से ढाई महीने का समय है। फिर अभी से पत्र निकालकर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का हवाला देकर चुनाव टालने की कोशिश क्यों की जा रही है।
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