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हमें गीता के उपदेशों का करना चाहिए अनुसरण :सैनी

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बिलासपुर। भाषा एवं संस्कृति विभाग के बिलासपुर कार्यालय ने आजादी का अमृत महोत्सव श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। रावमापा दसगांव, गीता आश्रम धारटटोह, गोसदन धार के समीप त्यागेश्वरानंद आश्रम में हुए इन कार्यक्रमों में वक्ताओं ने श्रीमद्भागवत गीता के संदेशों का महत्व बताया।
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त्यागेश्वरानंद आश्रम में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रामानुज संस्कृत महाविद्यालय पंजगाई के अध्यक्ष स्वामी राममोहन ने की। दिनेश एवं सहपाठियों ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। स्वामी राममोहन ने अपने संबोधन में लोगों को श्रीमद्भगवद गीता के उपदेशों को जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर त्यागेशवरानंद त्यागी ने भी गीता के महत्व पर बल देते हुए गीता के पठन-पाठन को नितांत आवश्यक माना। रामानुज महाविद्यालय के प्राचार्य श्यामलाल शर्मा ने गीता को क्यों पढना चाहिए इस पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने कहा कि हमें गीता के उपदेशों का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने संतों, महात्माओं के प्रवचनों से लोगों को लाभ उठाकर अपने जीवन में उतारने का अनुग्रह किया।
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इस अवसर पर कल्याण आश्रम सोलग के अध्यक्ष स्वामी बाबा राधिका दास, ओमानंद महाराज भी उपस्थित रहे। संस्कृत महाविद्यालय की छात्रा माही शर्मा ने गीता पर गीतिका प्रस्तुत की जिसे लोगों ने काफी सराहा। गीता विद्यापीठम् की प्राचार्य अलका चंदेल ने बच्चों को गीता भाषण, श्लोक उच्चारण करवाया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा स्वागत गीत, संस्कृत गीत, श्रीमद्भागवत गीता श्लोक, श्लोक उच्चारण, कविता, गीता स्वाध्याय से मोक्ष प्राप्ति, मोक्ष प्राप्ति का साधन गीता, वैदिक मंत्र आदि प्रस्तुत किए।
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