-आचार्य ने पहले दिन सुनाई धुंधकारी और आत्मदेव की कथा
- माता-पिता की सेवा और परिवार के कल्याण में संतान की भूमिका अहम
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उप तहसील भराड़ी के अंतर्गत गांव मिहाड़ा में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ सोमवार को हुआ। कथा वाचक आचार्य चंद्रकांत व उनके साथ आए अन्य आचार्यों का ग्रामीणों ने स्वागत किया गया। कथा शुरू होने से पहले महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली।
कथा के पहले दिन आचार्य चंद्रकांत ने आत्मदेव और धुंधकारी की कथा सुनाते हुए जीवन में संतुलन और आज्ञाकारी संतान के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा और परिवार के कल्याण में संतान की भूमिका अहम होती है। आज की पीढ़ी नशे की ओर जा रही है, जिसे रोकने के लिए समाज और परिवार को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को अध्यात्म की ओर प्रेरित करें।
आचार्य ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा केवल श्रवण की नहीं, बल्कि जीवन में अनुसरण करने की भी बात करती है। यही मार्ग मोक्ष की प्राप्ति की ओर ले जाता है। इस मौके पर बंसी राम शर्मा, अमृतलाल, पं. अश्विनी शर्मा, रमन शर्मा, विक्रम शर्मा, अनिल शर्मा, प्रेम लाल शर्मा, सुखराम, राकेश शर्मा, बीएल लखनपाल, अरुण लखनपाल, उदय लखनपाल, रतनी देवी, रामप्यारी, कुसुम लता, निक्की देवी, राशिका शर्मा, डॉ. रिया शर्मा, अनीता शर्मा, निशा शर्मा, कार्तिक शर्मा, वाणी शर्मा, रुही, सुभाष चंद्र, अभि शर्मा, रीना, ममता, शीला शर्मा, नीना शर्मा, सुषमा शर्मा, सावित्री शर्मा, सोनिया सहित कई अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।