राजस्व अधिकारियों का कहना है कि उनकी लंबित और वास्तविक मांगों को उन्होंने सरकार से कई बार उठाया है, लेकिन अभी तक इन पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। ऐसे में मजबूर होकर उन्हें यह फैसला लेना पड़ा है।
हिमाचल प्रदेश राजस्व अधिकारी संघ ने सरकार के उदासीन रवैये को लेकर प्रदेश भर में 12 सितंबर से काले बिल्ले लगाने का फैसला लिया है। लंबे समय से उठाई जा रहीं मांगों पर अभी तक वार्ता नहीं होने से नाराज राजस्व विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को बैठक के बाद यह फैसला किया है।अधिकारियों का कहना है कि उनकी लंबित और वास्तविक मांगों को उन्होंने सरकार से कई बार उठाया है, लेकिन अभी तक इन पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। ऐसे में मजबूर होकर उन्हें यह फैसला लेना पड़ा है।
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संघ के प्रदेश अध्यक्ष जय गोपाल ने कहा कि उनकी मुख्य मांगों में एचएएस पदों के लिए पदोन्नति कोटा 25 से बढ़ाकर 35 फीसदी करना, राजस्व अधिकारियों के लिए वाहन की व्यवस्था, योग्य नायब तहसीलदारों को तहसीलदार के रिक्त पदों में पदोन्नति, तहसीलों का स्टाफ वापस देना, सभी विभागीय श्रेणियों से प्रशासनिक सेवाओं में पदोन्नति कोटा 50 से 70 फीसदी करना, अर्जित अवकाश और आकस्मिक अवकाश न मिलने पर उसका अतिरिक्त वेतन, डीआरओ के पद पहले की तरह भरना, आवास और कार्यालयों में इन्फ्रास्ट्रक्चर, सभी जिलों में मोबाइल भत्ता और आतिथ्य भत्ता, एक्स कैडर की एलएओ और रिकवरी पदों को डीआरओ के समकक्ष करना और पंजीकरण भत्ता 5,000 करना सहित अन्य मांगें शामिल हैं।
जय गोपाल ने बताया कि उनकी शुक्रवार को प्रदेश स्तरीय बैठक हुई है। इसमें सर्वसम्मति से काले बिल्ले लगाने का निर्णय लिया गया है। काले बिल्ले 12 सितंबर से लगाना शुरू होंगे। यह सरकार के लिए एक अलर्ट कॉल होगी। अगर एसोसिएशन को बातचीत के लिए नहीं बुलाया जाता है या मांगों को नहीं माना जाता है तो एसोसिएशन कड़ा कदम उठाने पर मजबूर होगी।