अनुमति के लिए पंजीयक सहकारी सभाएं बिलासपुर ने मंडी भेजी फाइलें
10.51 लाख रुपये की वसूली के लिए लैंड रेवेन्यू एक्ट के तहत हो रही कार्रवाई
मंडलायुक्त से अनुमति मिलने के बाद नियमानुसार संबंधित संपत्तियों की होगी नीलामी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। करलोटी ग्राम सेवा सहकारी सभा समिति से ऋण लेकर भुगतान नहीं करने वाले बकायादारों के खिलाफ सहकारिता विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग ने नौ मामलों में भूमि बिक्री की अनुमति के लिए फाइलें मंडलायुक्त कार्यालय, मंडी भेज दी हैं। इन मामलों में कुल 10 लाख 51 हजार 310 रुपये की राशि की वसूली होनी है। मंडलायुक्त से अनुमति मिलने के बाद नियमानुसार संबंधित संपत्तियों की नीलामी कर बकाया राशि की वसूली की जाएगी।
इन सभी मामलों में पहले से ही हिमाचल प्रदेश लैंड रेवेन्यू एक्ट के तहत वसूली की प्रक्रिया चल रही है। बकायादारों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन राशि जमा नहीं होने पर अब संपत्ति बिक्री की अनुमति लेने की कार्रवाई शुरू की गई है। नियमों के अनुसार भूमि या अन्य अचल संपत्ति की नीलामी से पहले मंडलायुक्त कार्यालय की अनुमति आवश्यक होती है। स्वीकृति मिलने के बाद खुले तौर पर नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सहकारिता विभाग का कहना है कि यह कदम अंतिम विकल्प के रूप में उठाया जाता है। जब अन्य माध्यमों से बकाया राशि की वसूली संभव नहीं हो पाती, तभी लैंड रेवेन्यू एक्ट के तहत संपत्ति बिक्री की प्रक्रिया अपनाई जाती है। करलोटी सभा के नौ मामलों में विभाग ने इसी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने का फैसला लिया है। बताते चलें कि जिले में करलोटी और तलाई ग्राम सेवा सहकारी सभाओं में गबन के मामले सामने आए थे, जिनमें वसूली की कार्रवाई जारी है। हालांकि फिलहाल तलाई सभा का कोई भी मामला भूमि बिक्री की अनुमति के लिए नहीं भेजा जा रहा। इससे पहले जो मामले लगे थे बिक्री के लिए वो सुलझा दिए गए हैं। हालांकि जिले की अन्य सहकारी सभाओं में भी ऋण अदायगी में चूक के कारण एनपीए के मामले हैं, लेकिन वे सीधे तौर पर गबन से जुड़े नहीं हैं। ऐसे मामलों में भी नियमानुसार वसूली की कार्रवाई जारी है।
इनसेट
आठ साल बाद भी तलाई गबन के पीड़ितों को पूरी राशि का इंतजार
वर्ष 2018 में तलाई ग्राम सेवा सहकारी सभा में सामने आए करीब 45 करोड़ रुपये के बहुचर्चित गबन मामले के हितधारकों को आज तक उनकी पूरी जमा राशि वापस नहीं मिल सकी है। मामले को करीब आठ वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन बड़ी संख्या में निवेशकों का पैसा अब भी फंसा हुआ है। हितधारकों की संघर्ष समिति लगातार सरकार और संबंधित विभागों से शेष राशि लौटाने की मांग कर रही है। इस मुद्दे को लेकर कई बार प्रदर्शन, धरने और ज्ञापन भी दिए जा चुके हैं।
कोट
करलोटी ग्राम सेवा सहकारी सभा समिति के नौ मामलों में कुल 10 लाख 51 हजार 310 रुपये की वसूली की जानी है। इन मामलों की फाइलें भूमि बिक्री की अनुमति के लिए मंडलायुक्त कार्यालय, मंडी भेज दिया है। अनुमति मिलने के बाद नियमानुसार नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। तलाई सभा का फिलहाल कोई मामला बिक्री अनुमति के लिए नहीं भेजा जा रहा है। जिले की अन्य सहकारी सभाओं में एनपीए के मामले हैं, जिनमें भी नियमों के अनुसार वसूली की कार्रवाई जारी है।
भास्कर कालिया, सहायक पंजीयक, सहकारिता विभाग, बिलासपुर