भराड़ी (बिलासपुर)। कोरोना महामारी से बचाव के लिए बच्चों को सुरक्षा कवच देने के लिए सरकार ने पांच से 12 साल आयु वर्ग को टीकाकरण की मंजूरी दे दी है। जिले में इस समय 12 से 14 साल तक के किशोरों का टीकाकरण किया जा रहा है।
बच्चों से कोरोना का खतरा टालने के लिए वैक्सीन लगाई जाएगी। हालांकि अभी पांच से 12 उम्र तक के बच्चों का टीकाकरण शुरू नहीं किया गया है। टीकाकरण की तैयारी की जा रही है। जिले में बच्चों का डाटा एकत्रित किया जा रहा है।
बच्चों को लगने वाली वैक्सीन उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएगी जिससे कोरोना के प्रभाव को कम किया जा सकता है। अभिभावक भी कोरोना से बचाव के लिए बच्चों का टीकाकरण करवाने के लिए उत्साहित हैं। अध्यापक भी बच्चों से अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
अपने अनुभव कर रहे साझा : योगराज
अध्यापक योगराज ने बताया कि वह बच्चों से अपने अनुभव साझा कर रहे हैं जिससे वे निडर होकर वैक्सीनेशन करवाएं। खेल-खेल में बच्चों को टीके से नहीं डरने के बारे में समझाया जा रहा है।
छोटी कक्षाओं के बच्चों को करुंगा प्रेरित: निखिल
ग्यारहवीं कक्षा के छात्र निखिल नड्डा ने कहा कि वह दोनों टीके लगवा चुके हैं। अब छोटी कक्षाओं के बच्चों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करेंगे। छोटे बच्चे स्कूल के बड़े बच्चों को देखकर सीखते हैं। वह इसमें सहयोग करेंगे।
बचाव के लिए टीका लगवाना जरूरी : आकांक्षा
बाहरवीं की छात्रा आकांक्षा ने कहा कि दोनों टीके लगवाने के बाद वह बिल्कुल स्वस्थ हैं। कोरोना से जीतने के लिए पांच से 12 वर्ष तक के छात्र-छात्राओं को भी टीका लगवाना जरूरी है। वह स्कूल में बच्चों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करेंगी।
टीके के बारे में बताना जरूरी : सुखदेव
अभिभावक सुखदेव ने कहा कि बच्चों को टीका लगाने की मुहिम से पहले ही बच्चों को घर पर भी टीके के बारे में बताना जरूरी है। बच्चे डरे न, इसके लिए अध्यापकों के साथ अभिभावकों का साथ भी जरूरी है।
अभिभावकों का साथ भी जरूरी : डॉ. अभिनीत
स्वास्थ्य खंड अधिकारी डॉ. अभिनीत ने बताया कि पांच से 12 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण अभियान के दौरान अभिभावकों का सहयोग जरूरी रहेगा। आम समाज भी बच्चों को प्रेरणा देते हुए सहयोग करें। टीकाकरण से डरने की कोई बात नहीं है, यह बताना बेहद जरूरी है। शिक्षा विभाग से पांच से 12 वर्ष के बच्चों का आंकड़ा एकत्रित किया जा रहा है।