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फिलहाल मैं नड्डा गुट में, नड्डा ही भाजपा : चंदेल

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बिलासपुर। तीन साल पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामने वाले सुरेश चंदेल एक बार फिर से मंगलवार को कमलमय हो गए हैं। चंदेल के भाजपा ज्वाइन करने के बाद सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की सीट पर टिकट के दावेदारों की चिंता बढ़ गई है। खास बात यह है कि नड्डा गृह जिला बिलासपुर में चारों सीटें भाजपा के नाम करना चाहते हैं और इसके लिए सदर से सीट के दावेदार चंदेल भी हो सकते हैं।
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हालांकि चंदेल ने भाजपा का पटका पहनने के बाद कहा कि वे बिना शर्त भाजपा में लौटे हैं। वहीं एक सवाल के जवाब में चंदेल ने कहा कि वे फिलहाल नड्डा गुट में हैं। क्योंकि आज नड्डा ही भाजपा है और भाजपा ही नड्डा है। उन्होंने कहा कि यह सब अचानक नहीं हुआ है। अप्रैल माह से भाजपा में वापसी की प्रक्रिया चल रही है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ही नहीं, बल्कि पीएमओ भी लगातार उनके संपर्क में था। इस बीच दो बार पीएमओ से उन्हेें फोन भी आए। भाजपा ज्वाइन करने से पहले उन्हें साफ किया गया है कि टिकट की शर्त पर वापसी नहीं होगी। कहा कि वे बिना शर्त के वापस आए हैं। भाजपा छोड़ने का कारण यह था कि वहां उनकी अनदेखी हो रही थी, लेकिन भाजपा में उनकी अनदेखी सिर्फ डेढ़ साल हुई। वहीं कांग्रेस में भी उनके कद के बराबर उन्हें कोई दायित्व नहीं सौंपा गया। यही कारण है कि उन्होंने घर वापसी की है।
चंदेल ने कहा कि कांग्रेस में नेतृत्व की लड़ाई है। उत्तराखंड चुनाव के प्रभारी रह चुके चंदेल ने कहा कि वहां का चुनाव हारने का भी सबसे बड़ा कारण यही लड़ाई थी। शीर्ष नेतृत्व कांग्रेस में कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाता है और यही कारण है कि उनका जनाधार खत्म हो रहा है। चंदेल बोले कि हिमाचल में आम आदमी पार्टी इतना नाम नहीं कर पाई है, लेकिन फिर भी जो आम आदमी पार्टी का वोट यहां है वो सब कांग्रेस का वोट था, आने वाले चुनाव में कांग्रेस को आप भी नुकसान करेगी। अब देखना यह है कि चंदेल को भाजपा भविष्य में कोई अन्य बड़ी जिम्मेदारी सौंपती है या सदर से टिकट देकर चुनाव लड़ाती है। वहीं, चंदेल ने कहा कि पार्टी प्रदेश में सीएम जयराम के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी भी और जीतेगी भी।
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