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Bilaspur News: नप घुमारवीं में लोगों ने जमा नहीं किया 32 लाख गृहकर

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- टैक्स समय पर न आने से नप में कई विकास कार्य रुके
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-सरकारी विभाग चुकता नहीं कर पा रहे हैं नप का टैक्स

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं में लोगों पर लाखों रुपये हाउस टैक्स का बकाया है। बार-बार नोटिस के बाद भी लोग लोग टैक्स नहीं भर रहे हैं। बात सिर्फ शहर में बने नगर परिषद में पंजीकृत निजी मकानों की ही नहीं, बल्कि सरकारी विभाग भी इस फेहरिस्त में पीछे नहीं है। कई सरकारी विभाग भी नगर परिषद के हाउस टैक्स पर कुंडली मारकर बैठे हैं।
नगर परिषद के सात वार्डों में 1275 पंजीकृत घरों में से करीब 200 से अधिक लोग हाउस टैक्स का करीब 32 लाख रुपये चुकता नहीं कर रहे हैं। नगर परिषद ने समय-समय पर ऐसे लोगों को एकमुश्त किस्त देने पर 10 से 20 फीसदी तक की छूट के साथ एक से अधिक किस्तों में हाउस टैक्स को अदा करने की भी कई बार पेशकश की है, लेकिन कभी बात बनती नहीं दिखी, जबकि नगर परिषद घुमारवीं में रह रहे शहर वासी इसलिए भी टैक्स अदा करने में आनाकानी करते आ रहे हैं, क्योंकि उनकी हर बार यही शिकायत रहती है कि उनसे ज्यादा टैक्स वसूला जा रहा है। हालांकि इसके लिए नगर परिषद ने घरों की मैपिंग करने के लिए एक जीआई सर्वे भी करवाया गया था। उसके बाद भी बात नहीं बन पाई। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद में पंजीकृत परिवारों से करीब 55 लाख रुपये सालाना हाउस टैक्स के रूप में बनता है, लेकिन वसूली की बात करें तो नगर परिषद 31 मार्च 2024 तक 22 लाख 93 हजार 877 रुपये ही वसूल कर पाया है। 32 लाख 6 हजार 123 रुपये अभी भी टैक्स के रूप में वसूले जाने बाकी हैं।
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वहीं, लगभग आठ किलोमीटर के दायरे में फैली इस नगर परिषद में इन पंजीकृत मकानों के अलावा कई सरकारी विभाग भी नगर परिषद के हाउस टैक्स पर कुंडली मारकर बैठे हैं। इनमें विद्युत बोर्ड पर करीब तीन लाख 84 हजार 515 रुपये, हिमाचल पथ परिवहन निगम पर 6 लाख 14 हजार 940 रुपये, बीएसएनएल पर 3 लाख 63 हजार 627 रुपये नगर परिषद के हाउस टैक्स की देनदारी है, लेकिन यह विभाग भी हाउस टैक्स देने को तैयार नहीं है।
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कोट
टैक्स अदा नहीं कर कुछ लोग विकास की गति में बाधा बन रहे हैं। टैक्स अदा होने की सूरत में ही शहर में विकास कार्य हो सकते हैं। अपनी जिम्मेदारियों से स्वयं शहरवासी ही मुंह मोड़ रहे हैं। शहरवासियों पर बकाया टैक्स यदि समय पर जमा हो जाए तो शहर की तरक्की हो सकती है।
- रीता सहगल, अध्यक्ष, नगर परिषद, घुमारवीं
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