डंपिंग साइट खैरियां में निरीक्षण करते राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव अपूर्व देवगन।
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बिलासपुर। नगर परिषद के पास कूड़े को डंप करने के लिए कोई साइट नहीं है। लुहणू मैदान में गड्ढे खोदकर कूड़ा दबाया जा रहा है। इसके चलते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नगर परिषद को कई बार जुर्माने लगा चुका है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव अपूर्व देवगन ने लुहणू मैदान और खैरियां में नगर परिषद बिलासपुर की डंपिंग साइट का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने नगर परिषद को फिर से कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
बता दें कि बिलासपुर शहर में घर-घर जाकर कूड़ा उठाया जाता है। इसके लिए हर माह लोगों से पैसे भी वसूले जाते हैं। लेकिन नगर परिषद को यह समझ नहीं आ रहा है कि कूड़ा उठाने के बाद कहां ठिकाने लगाया जा। जिला प्रशासन भी नगर परिषद को जमीन उपलब्ध नहीं करवा पाया है। नगर परिषद लुहणू मैदान में कूड़े को दबाकर अपनी जिम्मेवारी से मुक्त हो जाती है। हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव अपूर्व देवगन ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर का दौरा किया। उन्होंने डंपिंग साइट खैरियां और लुहणू मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि सतलुज नदी के किनारे लुहणू मैदान के आसपास नगर निगम बिलासपुर के ठोस कचरे को गड्ढों में अवैज्ञानिक तरीके से डंप किया जा रहा है। इससे न केवल वातावरण दूषित हो रहा है बल्कि नदी का पानी भी दूषित हो रहा है। इसी के चलते नगर परिषद को एक बार फिर से कारण बताओ नोटिस जारी किया है। गौर रहे कि ग्रामीणों के विरोध के चलते खैरियां में डंपिंग साइट करीब दो साल बंद कर दी गई थी।
हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण बोर्ड के सचिव अजय देवगन ने बताया कि लुहणू मैदान में सतलुज नदी के किनारे असंवैधानिक तरीके से कूड़ा डंप किया जा रहा है। इसके कारण नदी का पानी भी दूषित हो रहा है। इसी के चलते नगर परिषद को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश बोर्ड को दे दिए गए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी अतुल परमार ने बताया कि नगर परिषद पहले भी कई बार नोटिस जारी किए गए हैं। एक साल पहले नप को एक लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। नगर परिषद के पास उपयुक्त जमीन न होने के कारण लुहणू मैदान में ही कूड़ा डंप किया जा रहा है।