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मंत्रालय की आरईसी कमेटी द्वारा तय की गई अतिरिक्त पांच शर्तों की नहीं हुई अनुपालना

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बिलासपुर। कीरतपुर नेरचौक अप्रूवड रोड अलाइनमेंट प्लान में हुए बदलाव पर पर्यावरण मंत्रालय देहरादून की ओर से 11 जून को राज्य सरकार को दिए गए आदेशों पर अभी तक कोई अनुपालना नहीं हुई है। यह जानकारी पर्यावरण मंत्रालय की एकीकृत इकाई शिमला ने फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति की ओर से मांगी गई सूचना में दी है। वहीं, एनएचएआई ने आरईसी की शर्तों को पूरा किए बिना ही सड़क का निर्माण शुरू कर दिया है। जो कि वन अधिनियम 1980 की अवहेलना है।
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पर्यावरण मंत्रालय की शिमला इकाई से क्षेत्रीय अधिकारी प्रकाश नेगी ने अपने कार्यालय की पत्र संख्या 4-8 आरटीआई/ आईआरओ/ 2021-328 में दी। जानकारी में समिति को अवगत करवाया कि 11 जून को आरईसी की बैठक में अप्रूवड रोड अलाइनमेंट प्लान में हुए बदलाव पर सैद्धांतिक स्वीकृति तो मिली है, लेकिन इसके मिलने पर राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई अनुपालना रिपोर्ट मंत्रालय को प्राप्त नहीं हुई है।
बताते चलें कि कीरतपुर-नेरचौक अप्रूवड रोड अलाइनमेंट प्लान में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भारत सरकार की मंजूरी के बिना 28.36 हेक्टेयर वन भूमि से रूट को बदल दिया है। इसकी शिकायत फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने पर्यावरण मंत्रालय को दी थी। इस पर मंत्रालय ने 25 जून 2020 को सारी परियोजना के कार्य को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया था। उसके बाद मंत्रालय ने आरईसी कमेटी का गठन किया और 11 जून को कमेटी ने अप्रूवड रोड अलाइनमेंट प्लान में हुए बदलाव पर 5 अतिरिक्त शर्तों की अनुपालना कर राज्य सरकार को सैद्धांतिक मंजूरी दी।
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जब तक उपरोक्त शर्तों की नियमानुसार अनुपालना नहीं हो जाती, तब तक मुहाल गरा तहसील श्री नयना देवी जी स्थित स्वारघाट से मुहाल भराड़ी जिला बिलासपुर तक वन भूमि में कहीं भी कोई भी कार्य नहीं होगा। वहीं, मंत्रालय ने अपने आदेशों में कहा था कि यदि उपरोक्त 5 शर्तों की अनुपालना किए बिना राज्य सरकार ने सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया तो इसे एक्ट 1980 की अवहेलना माना जाएगा। समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि हैरानी का विषय यह है कि राज्य सरकार ने इस एक्ट की अवहेलना कर बेखौफ सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर रखा है। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने मंत्रालय से राज्य सरकार पर सख्त कार्रवाई कर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के परियोजना निदेशक की ओर से बिना शर्तों की अनुपालना किए तुरंत प्रभाव से कार्य पर रोक लगाने का आग्रह किया है। कहा कि इन सभी मामलों पर उचित कार्रवाई की जाए ताकि इस फोरलेन का निर्माण अप्रूवड अलाइनमेंट प्लान पर हो।
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