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नई शिक्षा नीति में लोकल हिस्ट्री के तहत जिले का इतिहास जानेंगे स्कूली बच्चे

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बिलासपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति संवाद एवं हितधारक विचार-विमर्श पर आयोजित कार्यशाला के दौरान - फोटो : BILASPUR
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नई शिक्षा नीति में जिले का इतिहास जानेंगे स्कूली बच्चे
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गोपाल मंदिर से लेकर गंभरी देवी पर करेंगे केस स्टडी
असाइनमेंट पूरा करने वाले बच्चों को हर विषय का मिलेगा एक नंबर
तीसरी कक्षा से शुरू होगी संस्कृत, पांचवीं कक्षा में होगी परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्कूली बच्चों को अपने इतिहास, अपनी संस्कृति से जोड़ने के लिए नई शिक्षा नीति बेहद कारगर साबित होगी। पहले की शिक्षा नीति में जहां बच्चों को सिलेबस पर फोकस करवाया जाता था, ताकि वे तीन घंटे का पेपर अच्छे से दे सकें, वहीं अब नई शिक्षा नीति में बच्चों को सामाजिक मूल्यों से अवगत करवाया जाएगा। नौंवी से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति के तहत जिले के इतिहास और खास हस्तियों के ऊपर केस स्टडी करने को दिया जाएगा। वहीं, जो बच्चा इस असाइनमेंट को पूरा करेगा, उसे हर सब्जेक्ट में 1 नंबर मिलेगा।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर सुरेश सोनी ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति आने वाले कल को बेहद सुनहरा बनाएगी। यह केवल बच्चे को आत्मनिर्भर नहीं, बल्कि उसे संस्कारी, संवेदनशील और सामाजिक भी बनाएगी। इस नीति को चार स्टेज में बांटा गया है, फांउडेशन परेपरेटली, मिडल और सेकेंडरी इसके चार बिंदू हैं। कहा कि फाउंडेशन समेत अन्य सभी बिंदुओं पर विभाग ने मॉडल तैयार कर लिए हैं। कहा कि नई शिक्षा नीति में सबसे अहम यह है कि बच्चों को लोकल हिस्ट्री से जोड़ा जाएगा। इसके तहत संबंधित जिले की बड़ी हस्तियों, ऐतिहासिक स्थलों पर बच्चे केस स्टडी करेंगे। वहीं, उन्होंने कहा कि मशहूर लोक गायिका गंभरी देवी को आज की पीढ़ी का कोई बच्चा नहीं जानता है, लेकिन जब लोकल हिस्ट्री शुरू होगी तो गंभरी देवी को भी बच्चे पढ़ेंगे।
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सोनी ने कहा कि संस्कृत हमारे देश की पहचान है, लेकिन समय के साथ बच्चों की संस्कृत के प्रति रुचि कम हो रही है, लेकिन अब नई शिक्षा नीति के तहत तीसरी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को संस्कृत विषय शुरू किया जाएगा। तीनों कक्षाओं के लिए एक ही किताब होगी। वहीं, तीसरी और चौथी कक्षा में इस विषय का मूल्यांकन नहीं होगा, लेकिन पांचवीं कक्षा में इसका मूल्यांकन किया जाएगा। ताकि बच्चा संस्कृत से जुड़े और उसका महत्व समझे।
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