बुधवार को मां नयना देवी जी के दरबार में दर्शन करने के लिए पहुंचे श्रद्धालु।
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बिलासपुर। श्रावण अष्टमी मेलों के तीसरे दिन शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में शाम 6 बजे तक 20 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। 24 घंटे पहले की रैपिड एंटिजन की निगेटिव रिपोर्ट और वैक्सीनेशन की दोनों डोज लेने वालों को ही मंदिर में जाने की इजाजत दी गई। दूसरे मेले के दौरान 11,94,197 नकदी, 23 ग्राम 480 मिली ग्राम सोना, 2 किलो ग्राम 466 मिली ग्राम चांदी चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुई।
मंदिर क्षेत्र को 9 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में मेला और पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं को बड़े आराम से लाइनों में माता के दर्शनों के लिए भेजा जा रहा है । सुरक्षाकर्मियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी श्रद्धालु बिना मास्क माता के दरबार में न जाए। मंदिर में श्रद्धालुओं की निकासी भी तेज करवाई गई है।
इसके अलावा हिमाचल-पंजाब सीमा पर पंजाब के अधिकारियों द्वारा श्रद्धालुओं की कोरोना रिपोर्ट और प्रमाण पत्र देखे जा रहे हैं। उधर मंदिर न्यास को दूसरे मेले के दौरान न्यास 11,94,197 रूपये नकद, 23 ग्राम 480 मिली ग्राम सोना, 2 किलो ग्राम 466 मिली ग्राम चांदी चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुए। मंदिर न्यास अधिकारी विजय गौतम ने यह जानकारी दी। उधर मेला अधिकारी सुभाष गौतम ने बताया कि सारे प्रबंध पुख्ता हैं।
हिमाचल में नहीं हो रही टेस्टिंग
कोलांवाला टोबा में श्रावण अष्टमी मेले के पहले दिन वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र और आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट न होने पर श्रद्धालुओं ने जमकर हंगामा किया था। इसके बाद पंजाब प्रशासन से बात करके बिलासपुर के उपायुक्त ने तय किया था कि कोलांवाला टोबा सीमा पर पंजाब और हिमाचल रैपिड टेस्ट करेंगे। लेकिन अब हालात यह हैं कि पंजाब में टेस्ट के नाम पर सिर्फ काउंटर लगाए गए हैं। हालांकि किसी भी श्रद्धालु का टेस्ट नहीं किया जा रहा है। आधार कार्ड की एंट्री के बाद पंजाब सीमा से हिमाचल सीमा में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिलाया जा रहा है।