बरठीं (बिलासपुर)। करीब सवा सौ करोड़ का कारोबार करने वाली सहकारी सभा तलाई के घोषित चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। सभा के सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए चुनाव स्थगित करने की पैरवी की है। आरोप लगाया गया है कि करोड़ों के गबन मामले की जांच और ऑडिट पूरा करवाए बिना चुनाव नियमों के विपरीत हैं।
सभा के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष जसवंत सिंह बन्याल, विजय कुमार शर्मा, प्रकाश चंद, महेंद्र सिंह, ओम प्रकाश, शमशेर सिंह, अशोक कुमार, हरीश भारद्वाज, शक्ति चंद, राम कुमार, सुमित्रा देवी और परम जीत सिंह ने कहा कि 33 करोड़ रुपये के गबन मामले से लोगों का ध्यान भंग करने के लिए पंजीयक सहकारी सभाएं विभाग 15 जुलाई को सभा के चुनाव करवा रहा है। चुनाव करवाने के लिए सभा सदस्यों की सहमति भी नहीं ली गई है। कहा कि विभाग को पहले सभा आम सभा से सहमति लेनी चाहिए, उसके बाद ही चुनाव करवाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जो डिफाल्टर सदस्य हैं और जो जेल जा चुके हैं वह सदस्य सभा के चुनावों में भाग न लें ऐसी व्यवस्था विभाग को करनी चाहिए। सहकारी सभा में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले का अभी तक ऑडिट भी पूरा नहीं हुआ है, ऐसे में विभाग का चुनाव करवाना संदेह के घेरे में आ रहा है।
बता दें कि सभा में करोड़ों के गबन मामले में सभा सचिव और प्रबंध समिति के सदस्यों समेत करीब एक दर्ज से अधिक लोगों पर पुलिस की कार्यवाही का शिकंजा कसा हुआ है।