बिलासपुर। उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश के आदेशानुसार गांव मंडी मानवा में जमीन सेटलमेंट करने के लिए अधिकारी और कर्मचारी पहुंच गए हैं। उन्होंने पूरे गांव का दौरा किया। पंचायत प्रधान निर्मला राजपूत और पूर्व युवा मंडल अध्यक्ष रमेश कौंडल को साथ निरीक्षण किया।
इस गांव का जमीन सेटलमेंट मशीनों व डिफरेंट ग्लोबल पॉजिशनिंग सिस्टम (डीजीपीएस) द्वारा होगा। इससे भविष्य में कभी भी ग्रामीणों को कोई परेशानी नहीं होगी। लोग खुद ही जीपीएस से अपनी जमीन की सीमाएं देख लिया करेंगे। इस तकनीक से बिलासपुर में यह पहला जमीन सेटलमेंट हो रहा है। इससे लोगों को पूरी जिंदगी भर जमीन से संबंधित कोई परेशानी नहीं आएगी।
सेटलमेंट टीम ने निरीक्षण के बाद अब मंडी मानवा में जमीन सेटलमेंट की प्रतिक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी फील्ड में हैं।
बताते चलें कि बिलासपुर सदर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौणी के गांव मंडी मानवा और रघुनाथपुरा पंचायत के गांव कोहलवीं की कई पीढ़ियां उच्च न्यायालय में सेटलमेंट के केस लड़ चुकी हैं। अब कोर्ट के आदेशों से ही सेटलमेंट का कार्य शुरू हुआ। भाखड़ा बांध विस्थापित सभा मंडी मानवा के अध्यक्ष रमेश कौंडल ने कहा कि पूर्व में 1960 से लेकर 2020 तक पता नहीं ग्रामीणों ने कहां-कहां फरियाद लगाई थी कि हमारी जमीनों के ततिमे व मुसाबी ठीक से मैच नहीं करती।
रमेश ने कहा कि ग्रामीणों को कोर्ट कचहरी में बंदोबस्त न होने से केश भुगतने पड़ रहे थे। पूर्व में बहुत बार ग्राम सभाओं से प्रस्ताव भी पारित हुए और सरकार को भेजे गए। यही नहीं हिमाचल सरकार के विधायकों, मंत्रियों व मुख्यमंत्री के पास भी ग्रामीणों ने इसके लिए गुहार लगाई लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। बाद में लोगों को इसके लिए कोर्ट जाना पड़ा जहां से उन्हें राहत मिली है।