-सीमा चिह्नांकन में लापरवाही की शिकायत मिलने के बाद हुई कार्रवाई
- मामले को लेकर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने का दिया निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के तहत नौणी चौक से नम्होल तक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने कार्रवाई की है। विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग सरकार हिमाचल प्रदेश ने चीफ इंजीनियर लोनिवि इन चीफ निगम विहार शिमला और बिलासपुर प्रशासन को इस संदर्भ में निर्देश दिए हैं।
विशेष सचिव द्वारा जारी पत्र में लिखा गया है कि उक्त परियोजना में नौणी से नम्होल अधिग्रहित भूमि के दोनों ओर बुर्जियों को स्थापित कर आरडी नंबर दर्ज करें। सरकार ने इस मामले को लेकर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। सरकार को शिकायत मिली थी कि इस परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण, फलदार और गैर-फलदार पेड़ों की गणना, मकानों का मूल्यांकन और मुआवजा आवंटन का कार्य चल रहा है। लेकिन भू अर्जन अधिकारी अधिग्रहित भूमि के सीमांकन में यूजर एजेंसी द्वारा बुर्जियों को स्थापित करने की पुष्टि नहीं कर पा रहे हैं। यूजर एजेंसी भी बाउंड्री पिलरों की स्थापना को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है। भूमि सीमांकन में अनियमितताओं को लेकर भू अर्जन अधिकारी ने परियोजना निदेशक को पत्र लिखकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। वहीं, परियोजना निदेशक ने भी भू अर्जन अधिकारी को पत्र लिखकर इतिश्री कर ली है। इस बीच, मौके पर मुआवजा आवंटन का कार्य जारी है, लेकिन जब मौके पर पिलर नहीं, आरडी नंबर नहीं और पेड़ों व मकानों की गणना नहीं हुई है, तो मुआवजा किस आधार पर दिया जा रहा है, यह बड़ा सवाल बनता है। फोरलेन प्रभावित एवं विस्थापित समिति ने सरकार को शिकायत की थी कि अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वो इस मामले को लेकर कोर्ट का रुख करेगी। जिस पर सरकार ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
कोट
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में पूरे नियमों के साथ काम किया जा रहा है। लोगों की जो भी शिकायतें आ रही हैं उनका निवारण तुरंत प्रभाव से किया जा रहा है। इसके अलावा जहां भी आवश्यक है वहां बाउंड्री पिलर लगे हैं। अगर भविष्य में भी इस तरह की कोई शिकायत आती है तो उसका भी प्राथमिकता के आधार पर निवारण होगा।
अभिषेक कुमार गर्ग, भू अर्जन अधिकारी, नौणी शालाघाट फोरलेन