अमर उजाला इंपैक्ट
किसानों से कहा-एक्सपायरी दवा लौटाएं, राशि मिलेगी वापस
कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों ने लिया संज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता के अंतर्गत बरठीं क्षेत्र में किसानों को एक्सपायरी दवा देने के मामले में कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों ने कड़ा संज्ञान लिया है। विभाग ने साफ किया है कि ऐसी लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कृषि उपनिदेशक प्रेम ठाकुर ने बताया कि जिन्होंने एक्सपायरी दवा के पैकेट लिए हैं, वे उन्हें विभागीय कार्यालय में जमा करवाकर अपनी राशि वापस प्राप्त कर सकते हैं। कहा कि जिले के सभी सेल सेंटरों को लिखित निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि किसानों को केवल उच्च गुणवत्ता वाला बीज व खाद ही उपलब्ध करवाया जाएं। इस आदेश की अवहेलना पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बरठीं स्थित कृषि विभाग कार्यालय में गेहूं का बीज बांटते समय किसानों को फफूंद नाशक दवा के पैकेट भी दिए गए थे। जब किसानों ने घर जाकर देखा, तो पाया कि दवा की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है। किसानों का कहना है कि अगर उन्होंने इन दवाओं का उपयोग कर लिया होता, तो इससे उनकी फसलें नष्ट हो सकती थी और पैदावार आधी रह जाती। इसके साथ ही मिट्टी और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचने की आशंका थी। किसानों ने इसे अपनी मेहनत के साथ सीधा धोखा करार देते हुए इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की। कृषि उपनिदेशक ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 3000 क्विंटल गेहूं का बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है, जबकि 2500 क्विंटल बीज और आने वाला है। इसे भी विभाग विभिन्न सेल सेंटरों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाएगा।