- संवेदना संस्था और जम्मू-कश्मीर से आए व्यापारियों में हुआ लिखित समझौता
- किराये पर दुकान लेकर व्यापार कर सकते हैं बाहरी लोग
- दो पक्षों में लंबे समय से चल रहा था विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं सहित आसपास के क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर से आए फेरी लगाकर व्यापार करने वालों और स्थानीय दुकानदारों की ओर से संवेदना संस्था घुमारवीं के बीच चल रहा विवाद वीरवार को लिखित समझौते के बाद खत्म हो गया।
समझौते के अनुसार 30 अप्रैल के बाद कोई भी फेरी लगाकर सामान नहीं बेचेगा। हालांकि बाहर से आए लोग किराये पर दुकान लेकर व्यापार कर सकते हैं। दरअसल, घुमारवीं के दुकानदारों के पक्ष में संवेदना संस्था की ओर से पुलिस को एक शिकायत पत्र दिया गया था। इसमें फेरी वालों पर रोक लगाने की मांग की गई थी। मांग पत्र में बताया गया था कि फेरी वालों की वजह से स्थानीय दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर से आए यह व्यापारी अपना सामान बेचने घर-घर जाते हैं। इसके बाद से घर में अकेली औरतों को बहला फुसलाकर भगाकर ले जाते हैं। ऐसी कई घटनाएं पुलिस थाने में पहले ही दर्ज की जा चुकी हैं। शिकायत के बावजूद पुलिस की आरे से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद फेरी वालों ने एक शिकायत पत्र उपायुक्त को सौंप कर उन्हें धमकाने और काम न करने का आरोप लगाकर कार्रवाई करने की मांग की। मामला पुलिस थाना घुमारवीं में पहुंचा। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया। पहले दोनों पक्ष एक-दूसरे पर कार्रवाई करने के लिए अड़े रहे। बाद मेंं दोनों पक्षों में इस बात को लेकर समझौता हो गया की 30 अप्रैल के बाद कोई भी बाहरी व्यापारिक क्षेत्र में फेरी लगाकर अपना व्यापार नहीं करेगा। यह व्यापारी दुकान किराये पर लेकर अपना व्यापार करना चाहें तो कर सकते हैं। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में लिखित समझौता हुआ है। यह विवाद शांतिपूर्वक खत्म होने के बाद दोनों पक्षों ने अपनी शिकायत वापस ले ली।