बिलासपुर (रामपुर) । लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत से गुस्साए क्षेत्र के किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार सुबह से दोपहर तक करीब चार घंटे के लिए रामपुर-रुद्रपुर हाईवे जाम कर दिया। किसान सड़क पर बैठ गए और प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इसके बाद प्रधानमंत्री और गृह राज्यमंत्री का पुतला फूंका। बाद में किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और जाम खोल दिया।
संयुक्त किसान मोर्चा के नवीन मंडी स्थित कार्यालय पर सोमवार की सुबह आठ बजे से ही तमाम किसान एकत्र होना शुरू हो गए। इसके बाद सुबह करीब दस बजे सभी किसान मंडी गेट के सामने नैनीताल हाईवे पर पहुंच गए और ने केंद्र सरकार और गृह राज्यमंत्री के खिलाफ हाईवे जाम कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब चार घंटे तक लगातार चिलचिलाती धूप में न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसानों ने केंद्र और प्रदेश सरकार को जमकर कोसा और लखीमपुर खीरी प्रकरण की निंदा की। इसके बाद किसानों ने प्रधानमंत्री और गृह राज्यमंत्री का पुतला फूंका । इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी अशोक कुमार चौधरी को सौंपा। ज्ञापन में लखीमपुर खीरी में मरने वाले किसानों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा, उनके परिजनों को सरकारी नौकरी देने तथा दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। बाद में सभी ने लखीमपुर खीरी में प्राण गंवाने वाले किसानों की आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण भी किया। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे किसानों ने हाईवे को खाली कर दिया। बाद में पुलिस क्षेत्राधिकारी विद्या किशोर शर्मा ने अपने मातहतों के सहयोग से हाईवे पर यातायात को सुचारुकराया। प्रदर्शन करने वालों में जिला पंचायत सदस्य अमरजीत सिंह ढिल्लो, हाजी अताउर रहमान, संतोष शर्मा, बलवीर सिंह गंगवार, गुरविंद्र सिंह पन्नू, लखविंदर सिंह, जागीर सिंह, मोहम्मद हनीफ वारसी, जगजीत सिंह गिल, निशान सिंह, मोहम्मद हसन, गुरबीर सिंह विर्क, जोगेंद्र सिंह बिट्टू, रणदीप सिंह, जसपाल सिंह, सुरजीत सिंह, गुरदीप सिंह, शिवम शर्मा, शमशेर सिंह, जस्सा सिंह, रईस अहमद, नृपजीत सिंह, बिक्रमजीत सिंह, प्रीतपाल सिंह, लखविंद्र सिंह पन्नू, आदि किसान मुख्य थे। संचालन जगजीत सिंह गिल ने किया।