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बच्चे को स्कूल में दाखिला मिलने वाले फैसले पर पुनर्विचार करे सरकार : चेतराम

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बिलासपुर। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन बिलासपुर के महामंत्री चेतराम वर्मा ने सरकार से अगले सत्र से 6 साल के बच्चे को स्कूल में दाखिला मिलने वाले फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया है कि जिन बच्चों की उम्र मार्च 2024 को साढ़े 5 साल या 30 सितंबर 2024 को 6 साल की पूरी की होगी उसे ही पहली कक्षा में दाखिला मिलेगा, लेकिन जो बच्चे पहले से पढ़ रहे हैं और 6 साल की आयु पूर्ण नहीं करने वाली शर्त को पूरा नहीं कर पा रहे हैं, उनके साथ अन्याय कर रही है। क्योंकि जो बच्चा अभी यूकेजी में पढ़ रहा और मार्च में साढ़े 5 साल का नहीं होता है तो उसे फिर से यूकेजी में दाखिला लेना पड़ेगा। इससे बच्चे की पढ़ाई पर फर्क पड़ेगा। बच्चे को मानसिक तनाव और चिंता भी रहेगी, क्योंकि उसका सहपाठी अगली कक्षा में चला जाएगा। साथ ही जिन मां-बाप ने पूरा साल आर्थिक तंगी में रहते हुए भी बच्चों की पढ़ाई के लिए खर्चा किया है, उन्हें भी नुकसान भुगतना पड़ेगा।
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सभी बच्चों को एकमुश्त छूट देनी चाहिए चाहे वह 5 साल या साढ़े पांच साल का हो। वैसे भी शैक्षणिक संस्थानों में साल के मध्य में कोई ऐसा फैसला नहीं लेना चाहिए जिससे बच्चों और अभिभावकों के दिलों दिमाग पर बोझ पड़े। सरकार से अनुरोध है कि प्रदेश की जनता और बच्चों की पढ़ाई का ध्यान रखते हुए फैसला लेना चाहिए। इससे बच्चों और अभिभावकों को सरकार के प्रति सहानुभूति बनी रहे। अन्यथा ऐसे जनविरोधी फैसलों से सरकार को आने वाले समय में जनता के विरोध का सामना करना पड़ेगा।
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