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बाहरवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में छात्राओं का दबदबा

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ेरिट लिस्ट में आने वाले मिनर्वा स्कूल की बाहरवीं कक्षा के तीनों विद्यार्थी अध्यापकों के साथ। सं? - फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने शनिवार को बाहरवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा परिणाम में बिलासपुर की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। जिले के विभिन्न स्कूलों की साइंस और कला संकाय के 13 विद्यार्थियों ने प्रदेश की मेरिट सूची में जगह बनाई है। जिसमें नौ छात्राएं और चार छात्र शामिल हैं। इनमें दो छात्राओं अक्षिता शर्मा ने विज्ञान और बाणी गौतम ने कला संकाय में प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल किया।
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कैंसर से पीड़ित हैं मेरिट में आने वाली ज्योति मिश्रा के पिता
यूपीएसई क्लीयर कर बनना चाहती है आईपीएस
झंडूता। उपमंडल झंडूता की पंचायत बडोल देवी के गांव जमली में प्रीतम मिश्रा के घर जन्मी बेटी ज्योति मिश्रा ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की ओर से आयोजित कला संकाय की बाहरवीं की परीक्षा में 500 में से 487 (97.4) अंक लेकर बोर्ड के टॉप 10 में से पांचवां पायदान हासिल किया है।
ज्योति मिश्रा ने बताया कि वे सिविल सर्विस में जाना चाहती हैं। आईपीएस बनना उसका सपना है। ज्योति मिश्रा के पिता प्रीतम मिश्रा किसान और गरीब परिवार से संबंध रखते हैं। प्रीतम चंद पहले मोटर मैकेनिक का काम भी किया करते थे, लेकिन पिछले कुछ समय से ये कैंसर से पीड़ित होने के कारण घर पर ही हैं। ज्योति की माता वीना देवी गृहिणी हैं। ज्योति मिश्रा इस मुकाम पर पहुंचने पर बहुत खुश हैं । इन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी माता वीना देवी तथा जुखाला से जेबीटी का प्रशिक्षण ले रहीं अपनी बड़ी बहन कनुप्रिया और स्कूल के प्राचार्य पवन चंदेल को दिया है।
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कंप्यूटर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनेंगे काव्य
झंडूता । उपमंडल झंडूता के शहीद अश्वनी कुमार राजकीय वरिष्ठ विद्यालय झंडूता के काव्य धीमान ने प्रदेश शिक्षा बोर्ड की बाहरवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में 500 में से 490 अंक प्राप्त कर विज्ञान संकाय में प्रदेश भर में तीसरा स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
काव्य धीमान की माता सरोज धीमान झंडूता स्कूल में ही रसायन विज्ञान की प्रवक्ता, जबकि पिता विपिन धीमान एसडीएम कार्यालय झंडूता में चुनाव कानूनगो के पद पर कार्यरत हैं। काव्य धीमान शुरू से ही पढ़ाई में होनहार रहे हैं। उन्होंने अपनी कामयाबी का श्रेय अध्यापकों और माता-पिता को दिया। बताया कि उनके प्रेरणा स्रोत ताया के लड़के साहिल धीमान हैं। काव्या धीमान का सपना कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन आठ से दस घंटे ऑनलाइन और ऑफ लाइन पढ़ाई की। काव्य धीमान हिमाचल प्रदेश की ओर से संचालित इंजीनियरिंग प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
इनसेट
स्त्री रोग विशेषज्ञ बनना चाहती हैं श्रेया
स्वामी विवेकानन्द मेमोरियल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल कंदरौर की छात्रा श्रेया ने विज्ञान संकाय की मेरिट सूची में चौथा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने 500 में से 489 अंक प्राप्त किए। विद्यालय प्रधानाचार्य नीना कौशल छात्रा की शानदार उपलब्धि पर छात्रा अभिभावकों को बधाई दी। श्रेया ने बताया कि वह प्रतिदिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई करती हैं। श्रेया ने अपनी भविष्य की कार्ययोजना के बारे में बताया कि वे भविष्य में स्त्री रोग विशेषज्ञ बनना चाहती हैं। इसके लिए समस्त विद्यालय ने इसे अपनी शुभकामनाएं प्रदान की। श्रेया के माता पिता दोनों पेशे से सरकारी अध्यापक हैं ।
डॉक्टर बनेंगी आरुषी महाजन
बिलासपुर के क्रिसेंट पब्लिक स्कूल की छात्रा आरुषी महाजन ने विज्ञान संकाय 484 अंक प्राप्त कर मेरिट लिस्ट में नौवां स्थान हासिल किया है। इनके पिता रश्मि महाजन और माता चेतना महाजन व्यवसायी हैं। आरुषी ने मेरिट लिस्ट में आने के लिए रोजाना 12 घंटे पढ़ाई की। नीट क्लीयर करने के लिए तैयारी कर रही है। वे डॉक्टर बनना चाहती है।
रेडियोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं तन्वी
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरठीं की तन्वी देवी ने विज्ञान संकाय की मेरिट लिस्ट में आठवां और कंचन शर्मा ने दसवां स्थान प्राप्त कर स्कूल और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। तन्वी ने 500 में से 485 अंक लेकर प्रदेश में आठवां स्थान हासिल किया है। तन्वी रेडियोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं।
उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन 8 घंटे पढ़ाई करती थीं। दसवीं में उसे भी मुख्यमंत्री स्वर्ण जयंती सुपर सौ योजना के तहत एक लाख की राशि प्राप्त हुई थी। उन्होंने बताया कि उसके पिता राजेश कुमार प्राइवेट जॉब करते हैं, जबकि उसकी मां नीलम कुमारी एक गृहिणी है।
कंचन कर रहीं एनडीए की तैयारी
मेरिट लिस्ट में दसवें स्थान पर रहीं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरठीं की छात्रा कंचन शर्मा ने भी सुपर सौ योजना के तहत एक लाख की राशि हासिल की थी। 12वीं की परीक्षा देने के बाद वह एनडीए की कोचिंग अंबाला से ले रही हैं। इस मौके पर क्षेत्र के विधायक जीतराम कटवाल, स्थानीय पाठशाला के प्रधानाचार्य यशपाल पटियाल, एसएससी के प्रधान दिनेश पराशर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सुरजीत कैंथ, पूर्व बीडीसी उपाध्यक्ष मनोज कुमार परासर सहित अन्य अध्यापकों और ग्रामीणों ने छात्राओं को बधाई दी है।
घुमारवीं
इनसेट
डॉक्टर बनेंगे अनुभव
विज्ञान संकाय की मेरिट में पांचवां स्थान हासिल करने वाले मिनर्वा स्कूल के अनुभव धीमान ने कहा कि कि उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए 8 से 9 घंटे का समय दिया। अनुभव धीमान कांगड़ा के पंजेहड़ के रहने वाले हैं। अनुभव के पिता सुरजीत कुमार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खनाग आनी में प्रिंसिपल के पद पर तैनात हैं, जबकि माता पूजा धीमान टीजीटी आर्ट्स पद पर तैनात हैं। अनुभव डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना चाहते हैं।
इनसेट
सेना में जाकर देश सेवा करेंगे अक्षित
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के जमा दो के परीक्षा परिणाम में दसवां स्थान हासिल करने वाले अक्षित घुमारवीं के लुहारवीं से हैं। मिनर्वा स्कूल के अक्षित के पिता संजीव कुमार अध्यापक के पद पर नाल्टी स्कूल में कार्यरत हैं, जबकि माता वीना देवी गृहिणी हैं। अक्षित ने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए 7 से 8 घंटे का समय दिया। वे आर्मी में जाकर देश सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, मिनर्वा स्कूल के गुरुजनों को दिया है।
इनसेट
डॉक्टर बनेगी तेजस्वनी
जमा दो विज्ञान संकाय के परीक्षा परिणाम में आठवां स्थान हासिल करने वाली मिनर्वा स्कूल की तेजस्वनी डॉक्टर बनना चाहती हैं। तेजस्वनी सरकाघाट के बड़ोई गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने परीक्षा में 500 में से 485 अंक प्राप्त किए हैं। तेजस्वनी के पिता अशोक कुमार और माता अनिता देवी अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उसने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता और मिनर्वा स्कूल के अध्यापकों को दिया है।
जज बनना चाहती हैं सृष्टि कौशल
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल घुमारवीं की सृष्टि कौशल ने 500 में से 486 अंक हासिल कर कला संकाय में प्रदेश भर में छठा स्थान हासिल कर नाम रोशन किया है। सृष्टि कौशल जज बनना चाहती हैं। सृष्टि कौशल के पिता राजपाल कौशल व्यवसाय करते हैं, जबकि माता अनुबाला घुमारवीं में एक निजी स्कूल में अध्यापिका हैं। उन्होंने सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। सृष्टि कौशल बड़ी होकर जज बनना चाहती हैं। सृष्टि कौशल ने बताया कि वे दिन में 6 से 7 घंटे पढ़ाई करतीं है। उन्होंने कहा कि बच्चे कड़ी मेहनत से पढाई करें, लक्ष्य हासिल होगा।
जुखाला
प्रशासनिक अधिकारी बनेंगे साहिल
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नम्होल के छात्र साहिल पाठक ने कला संकाय में 500 में से 482 अंक अर्जित कर प्रदेश में दसवां स्थान प्राप्त किया है। साहिल पाठक ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। उन्होंने कहा कि वे रोज नियमित रूप से पढ़ाई करते थे, उनका लक्ष्य स्नातक करने के बाद प्रशासनिक अधिकारी बनने का है।
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