दो साल पहले स्वच्छता रैंकिंग में किया था बेहतर प्रदर्शन
-सीमेंट फैक्ट्री ने पिछले 10 दिन से नहीं लिया है सूखा कूड़ा
-लोग इधर-उधर फेंकने को मजबूर घरों का कूड़ा, लगे ढेर
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। करीब 2 वर्ष पहले स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन करने पर अपनी पीठ थपथपाने वाली नगर परिषद घुमारवीं पिछले 10 दिन से लोगों के घरों से सूखा कूड़ा तक नहीं उठा पा रही है। इससे स्वच्छता के बड़े-बड़े दावे करने वाली नगर परिषद की जमीनी हकीकत सामने आ गई है।
नगर परिषद ने कुछ वर्ष पूर्व डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की योजना शुरू की थी। इसमें गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग कर लोगों के घरों से लिया जा रहा था। पिछले दो माह में यह योजना करीब तीन बार हांफ चुकी है। इस बार भी करीब 10 दिन से लोगों के घरों से सूखा कूड़ा नहीं लिया जा रहा है। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोगों की शिकायत है कि नगर परिषद का कोई कर्मचारी सूखा कूड़ा नहीं ले रहा है। इस कारण वह घर में इतने दिनों तक कूड़ा रखने में असमर्थ हैं। उन्हें मजबूरन कूड़ा इधर-उधर फेंकना पड़ रहा है। नगर परिषद ने शहर के सात वार्डों से एक दिन छोड़कर घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना शुरू की है। उसके अंतर्गत अब केवल लोगों से गीला कूड़ा ही लिया जा रहा है, जबकि सूखा कूड़ा जहां नगर परिषद के लिए एक आफत बन गया है वहीं लोगों के लिए एक समस्या बनता जा रहा है। क्योंकि कुछ दिन तक तो लोग सूखे कूड़े को घर में रख पा रहे हैं। अब लोगों के घरों में भी कूड़े का ढेर लग गया है। कूड़ा अब घरों की दहलीज से सड़कों पर आना शुरू हो गया है। शहर में कई जगह कूड़े के ढेर दिखाई देने शुरू हो गए हैं।
नगर परिषद पदाधिकारी की माने तो उनके पास सूखा कूड़ा सेग्रिगेट करने के लिए कोई स्थान नहीं बचा है। एसीसी सीमेंट फैक्ट्री को जाने वाला यह सूखा कूड़ा अब फैक्ट्री प्रबंधन नहीं ले रहा है। नगर परिषद घुमारवीं की अध्यक्ष रीता सहगल ने कहा कि हमने दो-तीन दिन पहले भी फैक्ट्री प्रबंधन से बात की थी। जल्द ही फैक्ट्री प्रबंधन कूड़ा लेना शुरू कर देगा। इसके अलावा कूड़े को रखने और उसे सेग्रिगेट करने के लिए भी एक अलग से स्थान ढूंढ रहे हैं। जल्द ही लोगों की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।