- पूर्व कर्मचारी नेता बोले, मांगों को मनवाने के लिए पेंशनरों को इकट्ठा होने का समय आया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पूर्व कर्मचारी चेत राम वर्मा और अनिल चड्ढा ने संयुक्त बयान में कहा हैं कि बोर्ड और निगमों के पूर्व कर्मचारियों को मिलकर अपनी मांगों को मनवाने के लिए प्रदेश और जिला स्तरीय संयुक्त संघर्ष समिति बनानी चाहिए। बोर्ड और निगमों के सभी पूर्व कर्मचारियों की मांगे भी एक जैसी है और उद्देश्य भी एक ही हैं। इसलिए अब प्रदेश के समस्त पेंशनरों को इकट्ठा होने का समय आ गया है। तभी हिमाचल के पेंशनर अपनी मांगों को मनवाने के लिए कामयाब हो पाएंगे।
पूर्व कर्मचारी नेताओं ने कहा हैं कि पिछले 9 साल में पिछली सरकार ने भी और अब वर्तमान सरकार ने पेंशनरों को दूसरे दर्जे का नागरिक समझ रखा हैं। पेंशनरों की मांगों के प्रति सभी सरकारों का रवैया उदासीन ही रहा हैं। सरकार में बैठे सभी विधायक अपने वेतन, भत्ते पांच मिनट में मेज थपथपाकर बढ़ा देते हैं। जब कर्मचारियों और पेंशनरों को उनके हक और लंबित आर्थिक लाभों को देने की बारी आती हैं तो सरकार के खजाने खाली हो जाते हैं। प्रदेश के कर्मचारियों के भी अब जागने का समय आ गया है। अन्यथा निकट भविष्य में सरकार आर्थिक संकट का बहाना बनाकर वेतनमान पर भी कट लगा सकती हैं। वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों से आग्रह किया है कि सभी अपनी मांगो के प्रति जागरूक रहें। प्रदेश स्तरीय संयुक्त संघर्ष समिति बनाकर अपनी मांगो को मनवाने के लिए पूरे प्रदेश में जन जागरण अभियान चलाकर सरकार के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल बजाएं। सभी को एकत्रित होकर चलने की जरूरत हैं। तभी लंबित आर्थिक लाभ को प्राप्त कर सकेंगे।