संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर के राजपुरा में केंद्रीय विद्यालय खोलने की कवायद लंबे समय बाद आगे बढ़ी है। प्रस्तावित विद्यालय के लिए चिह्नित भूमि के इस्तेमाल की मंजूरी के लिए जिला प्रशासन ने फाइल तैयार ली है। फाइल को नोडल अधिकारी को भेज दी है।
नोडल अधिकारी के माध्यम से फाइल वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के क्षेत्रीय प्राधिकरण शिमला जाएगी और वहां से इसे मंजूरी मिलेगी। संभावना जताई जा रही है कि 15 दिनों में फाइल को मंजूरी मिल जाएगी।
बता दें कि राजपुरा में केंद्रीय विद्यालय को खोलने कवायद सालों से चल रही है। पर्याप्त जमीन न मिल पाने के कारण मामला ठंडे बस्ते में था। इससे पहले बिलासपुर के लुहणू कनैता में विद्यालय के लिए देखी गई जमीन दिल्ली से आई टीम ने विद्यालय की लिए उपयुक्त नहीं पाई। शिक्षा विभाग और प्रशासन ने केंद्रीय विद्यालय अस्थायी तौर पर शुरू कराने के लिए बिना किराये के भवन की तलाश भी की लेकिन, कामयाबी नहीं मिली।
कोठीपुरा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और बंदला में हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज खुलने से अब केंद्रीय विद्यालय की आवश्यकता बढ़ गई है। दोनों बड़े संस्थानों के स्टाफ के बच्चों के लिए स्कूली शिक्षा की अच्छी सुविधा मुहैया कराने के लिए जिला प्रशासन फिर से हरकत में आ गया है।
जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से प्रयास कर एम्स के पास ही राजुपरा में केंद्रीय विद्यालय के लिए 28 बीघा भूमि चिह्नित की है। इस भूमि के लिए इस्तेमाल की मंजूरी लेने के लिए ही फाइल नोडल अधिकारी कार्यालय को भेजी गई है।
प्रयास रंग लाए तो राजपुरा में बिलासपुर जिले का यह दूसरा केंद्रीय विद्यालय होगा। पहला विद्यालय घुमारवीं में निजी भवन में चल रहा है। इसके अपने भवन के लिए भी प्रशासन ने 25 बीघा जमीन चिन्हित की है। इसकी फाइल भी नोडल अधिकारी को आगामी एक-दो दिन में भेज दी जाएगी।
जिले में दोनों केंद्रीय विद्यालय जल्द सुचारु रूप से शुरू हो, यह प्रशासन की प्राथमिकता है। जिला स्तर पर जो भी कार्य होना है पूरा कर लिया गया है। राजपुरा के लिए फाइल नोडल अधिकारी को भेज दी गई है।
पंकज राय, जिला उपायुक्त, बिलासपुर
राजपुरा विद्यालय की भूमि से जुड़ी फाइल को मंजूरी आगामी 15 दिन में मिल जाने की संभावना है। मंजूरी मिलने के बाद विद्यालय के निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
राजकुमार, उपनिदेशक उच्च शिक्षा, बिलासपुर