-कॉलेज प्रशासन ने फिर से उच्च शिक्षा निदेशक को भेजा रिमाइंडर
-भवन के लिए चयनित भूमि को मिल चुकी है प्रशासनिक मंजूरी
-डेढ़ साल से स्कूल के छह कमरों में चल रहा कॉलेज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय महाविद्यालय घंडालवीं के भवन निर्माण की फाइल निदेशालय में करीब चार माह से फंसी हुई है। वहीं, अब कॉलेज प्रशासन ने फिर से उच्च शिक्षा निदेशक को इसके लिए रिमाइंडर भेज दिया है। कॉलेज अस्थायी रूप से करीब डेढ़ साल से स्कूल के छह कमरों में चल रहा है। हालांकि कॉलेज भवन के लिए चिन्हित 15 बीघा जमीन को प्रशासनिक मंजूरी भी मिल चुकी है।
घंडालवीं महाविद्यालय को 14 फरवरी 2022 में सरकार ने खोलने की घोषणा की थी। महाविद्यालय की कक्षाएं पिछले साल जुलाई में शुरू की गई, जो अभी भी राजकीय घंडालवीं स्कूल के कमरों में लग रही हैं। कॉलेज भवन के लिए 15 बीघा जमीन स्थानीय पंचायत की चिन्हित की गई है। भूमि को शिक्षा विभाग को स्थानांतरित कर दिया है। स्थानीय प्रशासन भी अपनी सारी प्रक्रिया पूरी कर चुका है। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने इस साल जुलाई में चयनित भूमि पर भवन निर्माण के लिए बजट उपलब्ध करवाने का पत्र और फाइल निदेशालय को भेजी, लेकिन निदेशालय की ओर से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब 4 दिसंबर को कॉलेज प्रशासन की ओर से बजट उपलब्ध करवाने के लिए पत्र भेजा है। बता दें कि कॉलेज का भवन करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। इस महाविद्यालय में अभी बीए और बीकॉम के 103 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यदि इस कॉलेज को अपना भवन मिलता है तो विद्यार्थियों की संख्या में निश्चित रूप से इजाफा होने की संभावना है। वहीं, क्षेत्र के लोगों ने भी सरकार से मांग की है कि कॉलेज का भवन जल्द बनाया जाए, ताकि स्थानीय बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए अच्छे आधारभूत ढांचे की सुविधा मिल सके।
कोट
महाविद्यालय के भवन निर्माण की फाइल उच्च शिक्षा निदेशालय को जुलाई में भेजी थी। अब एक बार फिर इस पर रिमाइंडर भेजा गया है। जैसे ही फाइल को मंजूरी मिलेगी, वैसे ही आगामी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
- प्रो. डॉ. रीता शर्मा, प्राचार्य, घंडालवीं कॉलेज