चार से छह दिसंबर तक होगा आयोजन, हम भारत के लोग रहेगा इस बार का विषय
घुमारवीं में प्रज्ञा प्रवाह की पहली समीक्षा बैठक में हुआ प्रांतीय कार्यकारिणी का गठन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को राष्ट्रीय विमर्श से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले लोकमंथन-2026 में हिमाचल के बुद्धिजीवियों, लेखकों, शोधार्थियों, शिक्षकों और लोक कलाकारों की सहभागिता का आह्वान किया गया है। आयोजन चार से छह दिसंबर तक होगा। इस वर्ष इसका विषय हम भारत के लोग रखा गया है।
अखिल भारतीय प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय प्रचार प्रमुख प्रशांत पॉल ने 25 अक्तूबर को घुमारवीं में आयोजित प्रज्ञा प्रवाह हिमाचल प्रांत की योजना समीक्षा बैठक में यह आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान सार्थक संवाद से विकसित हुई है। संवाद केवल अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है।
उन्होंने कहा कि लोकमंथन का उद्देश्य गांवों, वनांचलों और जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को भी राष्ट्रीय विमर्श से जोड़ना है। भारतीय संवाद परंपरा में बहस जीतने के बजाय सत्य की खोज और ज्ञान प्राप्त करना महत्वपूर्ण है। बैठक में हेमांशु को प्रांत संयोजक, डॉ. राजेश शर्मा को सह-संयोजक, डॉ. अशोक तिवारी को कोषाध्यक्ष और अशोक टंडन को प्रांत कार्यालय प्रमुख बनाया गया। डॉ. जसपाल खत्री, डॉ. नीलम ठाकुर और भूदेव को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।
इसके अलावा शोध, प्रचार, महिला और युवा आयामों के लिए जिम्मेदारियां तय की गईं। शिमला, सोलन, मंडी, बिलासपुर और कांगड़ा विभागों के दायित्वों की भी घोषणा की गई। बैठक में आयोजन की तैयारियों और हिमाचल से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।