आवेदक के नाम पर पहले से नहीं होना चाहिए कोई पक्का मकान
तीन लाख रुपये से बनेगा वाल्मीकि समुदाय के सफाई कर्मियों का स्थायी आशियाना : डीसी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तहत संचालित महर्षि वाल्मीकि कामगार आवास योजना-2024 के माध्यम से वाल्मीकि समुदाय के सफाई कर्मियों और वंचित वर्गों को आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे परिवारों को स्थायी आश्रय प्रदान करना है, जिनके पास स्वयं का पक्का घर नहीं है, ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके और वह सम्मानजनक जीवन जी सकें।
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण हेतु तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता उन सफाई कर्मियों के लिए है जो वाल्मीकि समुदाय से संबंधित हैं और हिमाचल प्रदेश के स्थायी निवासी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी कुल वार्षिक पारिवारिक आय दो लाख पचास हजार रुपए से कम है और जिन्होंने पूर्व में किसी अन्य सरकारी आवास योजना का लाभ प्राप्त नहीं किया है। इसके अतिरिक्त, आवेदक के नाम पर पहले से कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए। उपायुक्त ने बताया कि इस योजना की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा हाल ही में इसमें संशोधन किया गया है। संशोधित व्यवस्था के तहत अब पात्र एवं अपात्र आवेदकों से संबंधित निर्णय और उसके कारणों की सूचना निर्धारित समयावधि में संबंधित अधिकारियों द्वारा अनिवार्य रूप से दी जाएगी, जिससे आवेदकों को समय पर जानकारी मिल सके और प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना का लाभ लेने संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी अथवा जिला कल्याण कार्यालय के माध्यम से आवेदन किए जा सकते हैं। आवेदन के साथ स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वाल्मीकि समुदाय का जाति प्रमाण पत्र, सफाई कर्मचारी के रूप में कार्य करने से संबंधित प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण, भूमि से संबंधित दस्तावेज, आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न करना आवश्यक होगा। आवश्यकतानुसार विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार अन्य दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।