-कहा- मानवाधिकार आयोग में की जाएगी पुलिस अधिकारियों की शिकायत
- दाड़ला पुलिस पर लगाया महिलाओं पर दबाव बनाने का आरोप
- अली खड्ड पर क्रमिक अनशन 52वें दिन भी रहा जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर-सोलन सीमा पर अली खड्ड में बनाई जा रही कीकर-नवगांव पेयजल योजना विवाद में नया मोड़ आया है। सोलन की दाड़लाघाट पुलिस की ओर से महिलाओं को थाने बुलाने पर संघर्ष समिति और पंचायत प्रतिनिधियों ने रोष जताया है। साथ ही निर्णय लिया है कि पुलिस अधिकारियों की शिकायत मानवाधिकार आयोग में की जाएगी।
आंदोलन स्थल त्रिवेणी घाट में शुक्रवार को महिला मंडलों की बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता बुजुर्ग सावित्री देवी ने की। बैठक में चर्चा की गई कि पुलिस की ओर से महिलाओं को संयोजित षड्यंत्र के तहत झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश की जा रही है। सावित्री देवी ने कहा कि एक तरफ सरकार मामले का शांतिपूर्ण हल निकालने में लगी। दूसरी तरफ आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की जांच करने के नाम पर लोगों को डरा कर सरकार का नाम खराब किया जा रहा है। सिकरोहा पंचायत के साई नोडुवा गांव की 6 निर्दोष महिलाओं को बिना कारण बताए नोटिस देकर दाड़लाघाट थाने बुलाया गया। उन्हें तफ्तीश के नाम पर घंटों थाने में बिठाया गया। उन पर अन्य महिलाओं के नाम लिखाने के लिए दबाव भी डाला गया। इस तरह से मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाले गैर जिम्मेदार अधिकारियों की शिकायत की जाएगी। उच्च न्यायालय में भी इसकी लिखित शिकायत की जाएगी। साथ ही सोलन पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष रैली निकाली जाएगी। उन्होंने इलाके के बुजुर्ग और महिलाओं से किसी भी पुलिस अधिकारी के कहने पर हस्ताक्षर न करने की अपील की है। उधर, संघर्ष समिति के संयोजक रजनीश शर्मा ने बताया कि अली खड्ड पानी विवाद मामले में साधु संतों, जनप्रतिनिधियों पर भी झूठी एफआईआर दर्ज की गई है। आंदोलन को 52 दिन पूरे हो गए हैं। अभी सरकार की तरफ से मांगों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं मिला है। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री से हुई वार्ता के सार्थक परिणाम शीघ्र निकलेंगे और शीघ्र मामले का हल होगा। शुक्रवार को क्रमिक अनशन पर कर्मचंद, रजनीश शर्मा, सुरेंद्र ठाकुर, मुकेश ठाकुर, बीटु शर्मा, परस राम, रवि शर्मा बैठे।